छतरपुर ऑनर किलिंग: प्रेम संबंध से नाराज पिता ने बेटी के प्रेमी की कर दी हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला राज
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सामने आए सनसनीखेज रैकवार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शुरुआत में रेलवे ट्रैक पर मिले क्षत-विक्षत शव को हादसा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच में हत्या की पूरी कहानी सामने आई। पुलिस के अनुसार, बेटी के प्रेम संबंध से नाराज पिता ने उसके प्रेमी को खेत पर बुलाया और विवाद बढ़ने के बाद कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। बाद में साक्ष्य मिटाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया।
रेलवे ट्रैक पर मिला था क्षत-विक्षत शव, जांच में सामने आया हत्या का राज
छतरपुर जिले के मातगुवां थाना क्षेत्र में 27 जून 2026 को रेलवे ट्रैक पर एक बोरे में संदिग्ध हालत में शव मिला था। ट्रेन गुजरने के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था, जिससे शुरुआती तौर पर मामला हादसे जैसा नजर आया। पुलिस ने जांच शुरू की तो मृतक की पहचान महेवा गांव निवासी रामजी रैकवार के रूप में हुई। रामजी की गुमशुदगी पहले से ही ओरछा रोड थाने में दर्ज थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच शुरू की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की मौत ट्रेन से कटने के कारण नहीं हुई थी। जांच में सामने आया कि रेलवे ट्रैक पर पहुंचने से पहले ही युवक पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। इस अहम सुराग के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच आगे बढ़ाई। फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की।
प्रेम संबंध से नाराज था लड़की का पिता
जांच में सामने आया कि मृतक रामजी रैकवार का गांव की ही एक युवती से पिछले करीब पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों एक ही समाज से थे और शादी करना चाहते थे, लेकिन युवती के पिता मूलचंद रैकवार इस रिश्ते के खिलाफ थे। पुलिस के मुताबिक, मूलचंद को जब पता चला कि दोनों शादी के फैसले पर अड़े हुए हैं तो उसने रामजी को समझाने और धमकाने के लिए खेत पर बुलाया।
समझाने की कोशिश के दौरान बिगड़ी बात
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि खेत पर दोनों के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि रामजी के रिश्ता खत्म करने से इनकार करने पर मूलचंद गुस्से में आ गया और उसने पास रखी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में रामजी की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान मूलचंद का नाबालिग बेटा भी वहां मौजूद था, जो कथित तौर पर घटना में शामिल रहा।
शव छिपाकर रेलवे ट्रैक पर फेंकने की बनाई योजना
हत्या के बाद आरोपी पिता-पुत्र ने कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, उन्होंने पहले शव को खेत के पास झाड़ियों में छिपाया। इसके बाद रात के समय शव को बोरे में भरकर बाइक से रेलवे ट्रैक तक ले गए और वहां फेंक दिया, ताकि घटना को ट्रेन हादसे के रूप में दिखाया जा सके। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए यह योजना बनाई थी।
मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड से मिले अहम सुराग
मातगुवां थाना पुलिस ने जांच के दौरान मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली। पुलिस के अनुसार, रामजी की आखिरी बातचीत मूलचंद से हुई थी और तकनीकी जांच में उसकी लोकेशन भी मूलचंद के खेत के आसपास मिली। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मूलचंद और उसके नाबालिग बेटे से पूछताछ की, जिसमें कथित तौर पर पूरी वारदात का खुलासा हुआ।
आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार, हथियार बरामद
पुलिस ने मुख्य आरोपी मूलचंद रैकवार और उसके नाबालिग बेटे को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, बाइक और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस अब हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में आगे की कार्रवाई कर रही है। मामले की जांच जारी है।
https://www.facebook.com/StvNews2006