अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर बुलडोजर एक्शन, मचा सियासी बवाल
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के अमतला स्थित कार्यालय पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। प्रशासन का दावा है कि यह निर्माण स्वीकृत नक्शे के बिना किया गया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती रही, वहीं मौके पर पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह कदम उठाया गया है।
अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला इलाके में अभिषेक बनर्जी के सांसद कार्यालय पर शनिवार को प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हुई। मौके पर बुलडोजर पहुंचाकर कार्यालय के बाहर बने शेड को हटाया गया और बाद में इमारत के सामने वाले हिस्से को भी तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों ने इलाके को घेर रखा था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई पूरी की गई।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने लगाए जय श्रीराम के नारे
कार्यालय पर कार्रवाई शुरू होते ही वहां मौजूद भाजपा समर्थकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्यालय नियमों की अनदेखी कर बनाया गया था। अमतला क्षेत्र से भाजपा विधायक अग्निश्वर नस्कर ने दावा किया कि निर्माण कार्य में जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की कार्रवाई को उचित बताते हुए इसे अवैध निर्माण के खिलाफ कदम बताया। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
प्रशासन ने बताया कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी का कार्यालय कथित तौर पर स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के अनुरूप नहीं बनाया गया था। इस मामले में संबंधित पक्ष को पहले नोटिस जारी किए गए और जवाब देने के लिए अवसर भी दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि तय प्रक्रिया के तहत सुनवाई रखी गई थी, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कदम राजनीतिक कारणों से नहीं बल्कि नियमों के उल्लंघन के आधार पर उठाया गया है।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
बुलडोजर कार्रवाई से पहले इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया था। प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर आसपास के क्षेत्र को नियंत्रित किया। इसके अलावा मौके पर दमकल की गाड़ियां भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके। स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया था।
कार्रवाई को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। उनके कार्यालय पर हुई कार्रवाई को लेकर राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो सकता है। जहां भाजपा इसे अवैध निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से इसे राजनीतिक नजरिए से देखा जा सकता है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।
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