20 दिन के अनशन के बाद सोनम वांगचुक का हेल्थ बुलेटिन जारी, शरीर में बढ़े कीटोन; इलाज से किया इनकार
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने ताजा हेल्थ बुलेटिन जारी किया है। अस्पताल के अनुसार, वांगचुक की पल्स, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन शरीर में डिहाइड्रेशन, पोटैशियम की कमी और कीटोन स्तर बढ़ने जैसे संकेत मिले हैं। अस्पताल ने यह भी बताया कि उन्होंने दवा और ड्रिप लेने से इनकार कर दिया है।
20 दिनों से ठोस भोजन नहीं, कमजोरी के बाद अस्पताल में भर्ती
सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, 59 वर्षीय सोनम वांगचुक को 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल लाया गया। अस्पताल ने बताया कि वह पिछले करीब 20 दिनों से ठोस भोजन नहीं कर रहे थे। लगातार उपवास के कारण उन्हें सामान्य कमजोरी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें निगरानी और चिकित्सकीय जांच के लिए भर्ती किया गया।
पल्स और ब्लड प्रेशर सामान्य, लेकिन डिहाइड्रेशन के संकेत
अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक भर्ती के समय सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में थे। उनकी पल्स, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सैचुरेशन सामान्य और स्थिर पाए गए। हालांकि, चिकित्सकीय जांच में शरीर में डिहाइड्रेशन के स्पष्ट संकेत मिले, जिसके चलते डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
ब्लड टेस्ट में पोटैशियम की कमी और बढ़े कीटोन
डॉक्टरों की जांच में कम्पेन्सेटेड एसिडोसिस, सीरम पोटैशियम का कम स्तर और ब्लड शुगर 78 mg/dL दर्ज किया गया। वहीं, यूरिन कीटोन का स्तर भर्ती के समय 1+ था, जो दोपहर तक बढ़कर 3+ हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक उपवास रहने पर शरीर ऊर्जा के लिए वसा का उपयोग करने लगता है, जिससे कीटोन का स्तर बढ़ सकता है।
दवा और ड्रिप लेने से किया इनकार
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, चिकित्सकों ने सोनम वांगचुक को आवश्यक उपचार, दवाएं और इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड देने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने फिलहाल दवा और ड्रिप लेने से इनकार कर दिया। डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और समय-समय पर जरूरी जांच की जा रही है।
डॉक्टरों की निगरानी में जारी है उपचार
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल वांगचुक की स्थिति स्थिर है, लेकिन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और डिहाइड्रेशन को देखते हुए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। डॉक्टरों की टीम उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों की लगातार निगरानी कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया अपनाई जाएगी।