अमित शाह का राहुल गांधी पर तंज, बोले- मॉक पार्लियामेंट के प्रधानमंत्री बने रहें, असली संसद में बहस की चुनौती
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी INDIA गठबंधन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष के मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी को लेकर तंज कसा। शाह ने कहा कि सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), EVM और कथित वोट चोरी के आरोपों पर संसद का विशेष सत्र बुलाकर चर्चा करने को तैयार है। यह बयान हैदराबाद में 2 नवंबर को भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा कार्यक्रम के दौरान आया। शाह ने विपक्ष पर संसद के बजाय बाहर राजनीतिक प्रदर्शन करने का आरोप भी लगाया।

मुख्य बातें
- मॉक पार्लियामेंट पर अमित शाह का राहुल गांधी को जवाब, संसद में बहस की चुनौती
- SIR और EVM पर विशेष सत्र को तैयार सरकार, अमित शाह ने राहुल को ललकारा
- राहुल गांधी पर अमित शाह का तीखा हमला, मॉक पार्लियामेंट पर उठाए सवाल
NEW DELHI , 04 NOV. 2026:
मॉक पार्लियामेंट को लेकर राहुल गांधी पर निशाना
अमित शाह ने विपक्ष के मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मॉक पार्लियामेंट में प्रधानमंत्री की भूमिका निभानी चाहिए थी, क्योंकि असली संसद में उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना नहीं है। शाह ने इस कार्यक्रम को लेकर विपक्ष की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल राजनीतिक मुद्दों के जरिए सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। ये टिप्पणियां भाजपा की राजनीतिक आलोचना का हिस्सा हैं।
SIR और EVM पर विशेष सत्र बुलाने की चुनौती
हैदराबाद में अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने राहुल गांधी को SIR, EVM और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर बहस की चुनौती दी। शाह ने कहा कि सरकार विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है और विपक्ष को संसद में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया। हालांकि, विशेष सत्र बुलाने की घोषणा और उसके आयोजन की वास्तविक स्थिति अलग-अलग विषय हैं।
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर भी आमने-सामने सत्ता पक्ष और विपक्ष
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन चुनावी प्रक्रिया तथा मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए SIR का बचाव किया। उन्होंने विपक्ष की दिल्ली में आयोजित ‘वोट बचाओ’ रैली पर भी टिप्पणी की और उसे घुसपैठियों को बचाने की कोशिश बताया। यह शाह का राजनीतिक आरोप है। मतदाता सूची से जुड़े विवादों का आकलन संबंधित आधिकारिक आंकड़ों और दस्तावेजों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर शाह का बयान
गृह मंत्री ने राहुल गांधी के संविधान संबंधी बयानों पर भी निशाना साधा। शाह ने कहा कि केवल हाथ में संविधान की प्रति लेकर चलने से लोकतंत्र के प्रति सम्मान साबित नहीं होता। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक संस्थाओं और संसदीय प्रक्रियाओं का पालन करना भी जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने का आरोप लगाया। वहीं, मॉक पार्लियामेंट को लेकर उनका बयान विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों पर सीधा हमला माना जा रहा है। इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के आरोप और जवाब राजनीतिक संदर्भ में देखे जाने चाहिए।
क्या था विपक्ष का मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के मुद्दे पर विपक्ष ने दिल्ली में प्रतीकात्मक संसदीय कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें पद से हटाने की मांग से जुड़ा प्रस्ताव रखा। विपक्ष की ओर से इसे लोकतांत्रिक विरोध और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के प्रयास के रूप में पेश किया गया। वहीं, भाजपा ने इस कार्यक्रम की आलोचना की। ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रतीकात्मक मॉक पार्लियामेंट वास्तविक संसद की संवैधानिक कार्यवाही या महाभियोग प्रक्रिया का विकल्प नहीं है।
राजनीतिक टकराव के बीच संसद में बहस पर नजर
अमित शाह की चुनौती के बाद SIR, EVM और मतदाता सूची का मुद्दा फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। सरकार की ओर से संसद में चर्चा की तत्परता जताई गई है। वहीं, विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां उठा रहा है। अब इस मामले में आगे की दिशा संसद के संभावित कार्यक्रम, सरकार के निर्णय और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। फिलहाल शाह का बयान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को दर्शाता है।
प्रशासन का पक्ष
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