NATO शिखर सम्मेलन से पहले ट्रंप ने शेयर किया मीम, मेलोनी के साथ बयानबाज़ी फिर हुई तेज
तुर्किए में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के बीच चल रही बयानबाज़ी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मेलोनी से जुड़ा एक मीम साझा किया, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच पहले से जारी विवाद फिर चर्चा में आ गया। वहीं, मेलोनी ने ट्रंप के पुराने आरोपों को पहले ही खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि इटली अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभु फैसलों से कोई समझौता नहीं करता।
ट्रंप के मीम ने फिर बढ़ाई राजनीतिक चर्चा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें जियोर्जिया मेलोनी उनकी ओर मुस्कुराते हुए देखती दिखाई दे रही हैं। तस्वीर के साथ ऐसा कैप्शन जोड़ा गया, जिससे यह संकेत देने की कोशिश की गई कि मेलोनी उन पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देती हैं। यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई जब दोनों नेताओं की तुर्किए में आयोजित होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में मुलाकात की संभावना है। पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
G7 सम्मेलन से जुड़े पुराने विवाद फिर आए चर्चा में
ट्रंप ने हाल के दिनों में दावा किया था कि जी7 सम्मेलन के दौरान मेलोनी बार-बार उनके साथ तस्वीरें खिंचवाना चाहती थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि ईरान से जुड़े एक अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान इटली ने अपने सैन्य रनवे के उपयोग की अनुमति नहीं दी। ट्रंप के इन बयानों ने दोनों देशों के राजनीतिक हलकों में बहस को तेज कर दिया और नाटो बैठक से पहले दोनों नेताओं के संबंधों को लेकर अटकलें भी बढ़ गईं।
मेलोनी ने आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने ट्रंप के सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें तथ्यहीन बताया। उन्होंने कहा कि न तो वह और न ही इटली किसी भी देश के सामने दबाव में निर्णय लेते हैं। मेलोनी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार हमेशा राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और सभी फैसले उसी आधार पर लिए जाते हैं। उन्होंने ट्रंप की ओर से लगातार हो रही सार्वजनिक टिप्पणियों को अनावश्यक बताते हुए कहा कि बिना वजह इस तरह के हमले उचित नहीं हैं।
सैन्य सहयोग पर इटली ने रखा अपना पक्ष
मेलोनी ने अमेरिकी सैन्य अड्डों और इटली की भूमिका पर भी अपना पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि इटली में मौजूद अमेरिकी सैन्य सुविधाओं का संचालन दोनों देशों के बीच हुए मौजूदा समझौतों के अनुसार होता है और इन नियमों का पालन किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि इटली एक संप्रभु राष्ट्र है और उसकी सरकार अपने राष्ट्रीय कानूनों तथा अंतरराष्ट्रीय समझौतों के अनुरूप ही फैसले लेती है। इससे यह संकेत मिला कि रोम अपनी विदेश नीति में स्वतंत्र रुख बनाए रखना चाहता है।
NATO सम्मेलन पर टिकी दुनिया की नजर
तुर्किए में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में सुरक्षा, रक्षा सहयोग और वैश्विक चुनौतियों पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है। ऐसे समय में ट्रंप और मेलोनी के बीच जारी सार्वजनिक बयानबाज़ी ने सम्मेलन से पहले राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। अब यह देखना अहम होगा कि दोनों नेता आमने-सामने मुलाकात के दौरान इस विवाद को आगे बढ़ाते हैं या सहयोग और कूटनीति को प्राथमिकता देते हुए मतभेदों को पीछे छोड़ते हैं।