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अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में बेटे मोजतबा की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल, सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर तेज़ हुई अटकलें

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई है। जहां उनके तीन अन्य बेटे और ईरानी नेतृत्व समारोह में मौजूद रहे, वहीं मोजतबा के नहीं दिखने से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि उनकी गैरमौजूदगी के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा चिंताओं, कथित चोट और संभावित हमले की आशंकाओं को लेकर विभिन्न दावे सामने आ रहे हैं। इस बीच ईरान में अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों के साथ क्षेत्रीय तनाव भी सुर्खियों में बना हुआ है।

अंतिम संस्कार में मोजतबा की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय

तेहरान में आयोजित अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के वरिष्ठ अधिकारी और ईरान की राजनीतिक एवं धार्मिक हस्तियां मौजूद रहीं। ख़ामेनेई के तीन बेटे मसूद, मुस्तफ़ा और मैसम भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए, लेकिन मोजतबा ख़ामेनेई कहीं दिखाई नहीं दिए। उनकी अनुपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, हालांकि ईरानी प्रशासन ने इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर लग रहे अलग-अलग कयास

मोजतबा ख़ामेनेई को लेकर यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि हालिया सैन्य घटनाओं के दौरान उन्हें चोट पहुंची हो सकती है या सुरक्षा कारणों से उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रखा गया हो। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि संभावित सुरक्षा खतरे को देखते हुए उनकी सार्वजनिक मौजूदगी सीमित की गई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा क्षेत्रीय हालात और उच्च सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए ईरानी नेतृत्व अतिरिक्त सतर्कता बरत सकता है।

कई दिनों तक चलेंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम कई दिनों तक ईरान और इराक में आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन का अनुमान है कि इन कार्यक्रमों में करोड़ों लोग शामिल हो सकते हैं। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां धार्मिक नेताओं ने अंतिम रस्में पूरी कराईं। इसके बाद अंतिम यात्रा, क़ोम और फिर मशहद तक पार्थिव शरीर ले जाने का कार्यक्रम तय किया गया है। इन आयोजनों को देखते हुए पूरे देश में व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां की गई हैं।

युद्धविराम के बीच जारी है कूटनीतिक तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल युद्धविराम लागू है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। स्थायी शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है, जबकि दोनों पक्ष समय-समय पर सख्त बयान भी दे रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में कहा कि अंतिम संस्कार के कारण वार्ता कुछ समय के लिए स्थगित की गई है। वहीं उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है। इन बयानों के बाद क्षेत्रीय राजनीति और अधिक संवेदनशील हो गई है।

अंतिम संस्कार के दौरान दिखा जनसैलाब और कड़ी सुरक्षा

तेहरान में अंतिम संस्कार के दौरान भारी भीड़ उमड़ी, जिसके चलते प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। चिकित्सा दलों और आपातकालीन सेवाओं को भी बड़ी संख्या में तैनात किया गया। ईरानी समाचार एजेंसी के अनुसार, गर्म मौसम और भीड़ के कारण हजारों लोगों को प्राथमिक चिकित्सा दी गई। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने ईरान समर्थक और अमेरिका-इजराइल विरोधी नारे भी लगाए।

पश्चिम के साथ टकराव की नीति के लिए जाने जाते थे अली ख़ामेनेई

अली ख़ामेनेई ने तीन दशक से अधिक समय तक ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में कार्य किया। उनके शासनकाल में ईरान की विदेश नीति पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका और इजराइल के साथ टकरावपूर्ण रही। ईरान ने इस दौरान क्षेत्रीय सहयोगी संगठनों और सुरक्षा रणनीतियों को मजबूत करने पर जोर दिया। उनके निधन के बाद अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि नया नेतृत्व क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय नीति को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।

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Stv News Rajasthan

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