अलवर के सैटेलाइट अस्पताल में बड़ा हादसा टला, ओपीडी के दौरान छत का प्लास्टर गिरा; डॉक्टर और बच्ची घायल
अलवर के कालाकुआं स्थित सैटेलाइट अस्पताल में सोमवार सुबह ओपीडी के दौरान अचानक छत का प्लास्टर और पंखा गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में एक डॉक्टर और एक बच्ची घायल हो गए। अस्पताल में उस समय मरीजों की भारी भीड़ मौजूद थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती थी। हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
ओपीडी के दौरान अचानक गिरी छत, मची भगदड़
कमरा नंबर 7 में डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहे थे, तभी अचानक छत के लेंटर के नीचे का प्लास्टर और चूना भरभराकर गिर गया। उसी दौरान छत पर लगा पंखा भी टूटकर नीचे आ गिरा। इस अचानक घटना से कमरे में मौजूद मरीजों और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और कुछ ही सेकंड में ओपीडी क्षेत्र में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
डॉक्टर और बच्ची घायल, तुरंत शुरू हुआ इलाज
हादसे में डॉक्टर सीताराम के सिर में चोट आई, जबकि ओपीडी में मौजूद एक बालिका की नाक पर भी चोट लगी। घटना के तुरंत बाद अस्पताल स्टाफ ने दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार दिया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत स्थिर है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा और भवन की जर्जर स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीलन और रखरखाव की कमी बनी हादसे की वजह
सैटेलाइट अस्पताल की पीएमओ प्रमिला मीणा ने बताया कि छत पर पानी भरने और लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण लेंटर में सीलन आ गई थी, जिससे प्लास्टर कमजोर होकर गिर गया। उन्होंने यह भी कहा कि भवन की स्थिति को लेकर पहले ही पीडब्ल्यूडी विभाग को कई बार पत्र लिखे गए थे, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं की गई। प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो यह हादसा टल सकता था।
जांच शुरू, पीडब्ल्यूडी टीम मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी जिला प्रशासन को दे दी गई है, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। भवन की स्थिति का आकलन किया जा रहा है और आगे की मरम्मत या सुधार कार्य की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की तकनीकी जांच के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।