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पहलगाम आतंकी हमले में NIA की बड़ी कार्रवाई, सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद आरोपी

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा कदम उठाते हुए सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने इसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सरगना हाफिज सईद को मुख्य आरोपियों में शामिल किया है। NIA का दावा है कि जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर हमले की साजिश सीमा पार पाकिस्तान में रची गई थी और इसमें आतंकवादी नेटवर्क की सक्रिय भूमिका सामने आई है।

NIA ने जम्मू की विशेष अदालत में दाखिल की सप्लीमेंट्री चार्जशीट

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जम्मू स्थित विशेष NIA अदालत में पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी के अनुसार, इस चार्जशीट में पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद की कथित भूमिका को विस्तार से रखा गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, डिजिटल फॉरेंसिक, तकनीकी विश्लेषण और जमीनी जांच के आधार पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

हाफिज सईद पर लगाए गए गंभीर आरोप

NIA ने चार्जशीट में हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। एजेंसी का आरोप है कि उसने पाकिस्तान से बैठकर हमले की साजिश रची और प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा तथा उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के जरिए इस आतंकी नेटवर्क का संचालन किया। चार्जशीट में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार आतंकवाद से जुड़े आरोप भी शामिल किए गए हैं।

पहले भी कई आरोपियों के नाम आ चुके हैं सामने

इससे पहले NIA की मूल चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई कथित आतंकियों और हैंडलरों के नाम शामिल किए गए थे। इनमें साजिद जट्ट, फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और अबू हमजा जैसे आरोपियों का उल्लेख किया गया था। इसके अलावा दो स्थानीय आरोपियों पर भी आतंकियों को कथित तौर पर पनाह और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और सीमा पार मौजूद पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

हमले के बाद चला था ऑपरेशन सिंदूर

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई के तहत ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस अभियान के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित कई कथित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके समानांतर NIA ने हमले की विस्तृत जांच शुरू की, ताकि हमले की साजिश, वित्तीय नेटवर्क, स्थानीय सहयोगियों और सीमा पार मौजूद मास्टरमाइंड की पहचान की जा सके।

जांच अभी भी जारी, और हो सकती है कार्रवाई

NIA का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमले की जांच अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंची है। एजेंसी लगातार डिजिटल सबूत, वित्तीय लेन-देन, संचार रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच के दौरान नए तथ्य और साक्ष्य सामने आते हैं तो भविष्य में इस मामले में और आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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