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कॉकरोच जनता पार्टी पर नया विवाद: बीजेपी नेता ने बताया ‘पाकिस्तान कनेक्शन’, सोशल मीडिया डेटा को लेकर छिड़ी बहस

सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब नए विवादों में घिरती नजर आ रही है। कुछ ही दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुटाने वाले इस डिजिटल कैंपेन को लेकर बीजेपी के एक नेता ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया डेटा साझा करते हुए आरोप लगाया कि इस अभियान के बड़ी संख्या में फॉलोअर्स पाकिस्तान से जुड़े हैं। इसके बाद इंटरनेट पर बहस और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। वहीं दूसरी ओर इस कैंपेन को युवाओं की नाराजगी और व्यंग्यात्मक विरोध का प्रतीक बताने वाले लोग भी लगातार इसका समर्थन कर रहे हैं।

बीजेपी नेता ने शेयर किया फॉलोअर्स डेटा

बीजेपी से जुड़े एक नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा करते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने एक कथित “इंसाइट डेटा” और पाई चार्ट शेयर कर दावा किया कि इस अभियान के करीब 49 प्रतिशत फॉलोअर्स पाकिस्तान से हैं। पोस्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिका, बांग्लादेश, यूके और अन्य देशों से भी बड़ी संख्या में लोग इस पेज को फॉलो कर रहे हैं, जबकि भारत से जुड़े फॉलोअर्स का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम बताया गया। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस तेज हो गई है।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई तीखी बहस

फॉलोअर्स डेटा सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स इसे राजनीतिक एजेंडा बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे केवल मीम और व्यंग्य आधारित डिजिटल ट्रेंड मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दावा किया कि किसी भी वायरल पेज पर अंतरराष्ट्रीय ऑडियंस का जुड़ना सामान्य बात है, जबकि विरोध करने वाले इसे सुनियोजित डिजिटल नैरेटिव बता रहे हैं। इस पूरे विवाद के चलते ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक बार फिर ऑनलाइन चर्चा के केंद्र में आ गई है।

कैसे शुरू हुआ था यह अभियान?

इस डिजिटल कैंपेन की शुरुआत एक न्यायिक टिप्पणी के बाद हुई थी। मई 2026 में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति Surya Kant की एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसमें ‘कॉकरोच’ शब्द चर्चा में आया। बाद में इस बयान पर सफाई भी दी गई, लेकिन इंटरनेट पर इसे लेकर मीम्स और व्यंग्यात्मक पोस्ट की बाढ़ आ गई। इसी माहौल में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से सोशल मीडिया अभियान शुरू हुआ, जिसने कुछ ही दिनों में लाखों लोगों का ध्यान आकर्षित कर लिया।

युवाओं के गुस्से या डिजिटल व्यंग्य का मंच?

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ खुद को बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और सिस्टम से नाराज युवाओं की आवाज बताती है। इसके पोस्ट और मीम्स में व्यंग्यात्मक अंदाज के जरिए राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाया जाता है। कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और युवा इस अभियान को “डिजिटल विरोध” का नया तरीका बता रहे हैं। वहीं आलोचकों का कहना है कि इस तरह के ट्रेंड सामाजिक असंतोष को मजाक के रूप में पेश करते हैं। इसके बावजूद यह साफ है कि इस अभियान ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा डिजिटल नैरेटिव तैयार कर दिया है।

एक्स अकाउंट ब्लॉक होने के बाद और बढ़ी चर्चा

इस विवाद के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट ब्लॉक होने की खबर ने भी इस ट्रेंड को और ज्यादा चर्चा में ला दिया। हालांकि इंस्टाग्राम समेत अन्य प्लेटफॉर्म पर इसके फॉलोअर्स लगातार बढ़ते रहे। इंटरनेट पर कई यूजर्स ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा, जबकि कुछ ने प्लेटफॉर्म की नीतियों का हिस्सा बताया। अब यह डिजिटल अभियान केवल मीम कल्चर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का हिस्सा बनता जा रहा है।

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