अलवर ने रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान, 10 गांवों को बनाकर देश का पहला शत-प्रतिशत बीमित जिलासबको बीमा अभियान-2047 में अलवर की ऐतिहासिक उपलब्धि…
अलवर जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान बनाई है। राजस्थान का अलवर देश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां 10 गांवों के सभी पात्र ग्रामीणों को शत-प्रतिशत बीमा सुरक्षा प्रदान की गई है। यह उपलब्धि भारत सरकार और IRDAI द्वारा संचालित ‘सबको बीमा अभियान-2047’ के तहत हासिल की गई है।
नौ गांव घोषित हुए पूर्ण बीमित, एक को पहले ही मिल चुका दर्जा
मंगलवार को जिले के नौ गांवों को औपचारिक रूप से पूरी तरह बीमित गांव घोषित किया गया। इससे पहले एक गांव देसूला को वर्ष 2025 में ही शत-प्रतिशत बीमित ग्राम का दर्जा मिल चुका था। इसके साथ ही अलवर के कुल 10 गांव पूर्ण बीमा कवरेज वाले गांव बन गए हैं।
1367 बीमाविहीन ग्रामीणों को बीमा दायरे में लाया गया
इन गांवों में रहने वाले कुल 4,861 लोगों में से 10 वर्ष से अधिक आयु के 1,367 ऐसे नागरिक चिन्हित किए गए थे, जिनके पास किसी भी प्रकार का बीमा नहीं था। विशेष अभियान चलाकर सभी को बीमा सुरक्षा प्रदान की गई, जिससे गांवों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हुआ।
जनआधार के माध्यम से हुआ सामूहिक पारिवारिक बीमा
बीमा प्रक्रिया में 881 जनआधार कार्ड को इकाई मानते हुए परिवारों का सामूहिक बीमा किया गया। इस मॉडल ने कम समय में अधिक लोगों तक बीमा सुविधा पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई और प्रशासनिक प्रक्रिया को भी सरल बनाया।
दानदाताओं के सहयोग से बिना आर्थिक बोझ बीमा सुरक्षा
इस पूरी पहल की खास बात यह रही कि ग्रामीणों पर किसी भी प्रकार का आर्थिक भार नहीं डाला गया। सभी बीमा पॉलिसियों का प्रीमियम दानदाताओं द्वारा वहन किया गया। प्राणधारिण ट्रस्ट की ओर से श्रीमती सहेली मजूमदार ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में सभी ग्रामीणों का बीमा प्रीमियम स्वयं जमा कराया।
सुरक्षित भारत–बीमित भारत की सोच को मिली जमीनी सफलता
‘सबको बीमा अभियान-2047’ के तहत अलवर जिले ने ‘सुरक्षित भारत–बीमित भारत’ की राष्ट्रीय परिकल्पना को जमीनी स्तर पर साकार कर दिखाया है। यह पहल आने वाले समय में देश के अन्य जिलों के लिए एक प्रभावी मॉडल के रूप में देखी जा रही है।