सोनम वांगचुक की निवारक हिरासत पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दी दलील
केंद्र ने पेश किया सुरक्षा संबंधी खतरे का तर्क
सरकार ने कोर्ट को बताया कि वांगचुक के भाषणों में उकसावा और अलगाववादी संदेश शामिल थे। लद्दाख की सीमा क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने उनकी हिरासत को आवश्यक बताया।
सार्वजनिक भाषणों में उकसावे का आरोप
केंद्र ने बताया कि वांगचुक ने कई मौकों पर अपने भाषणों में स्थानीय और सामूहिक भावना को भड़काने का प्रयास किया। प्रशासन ने यह भी कहा कि इससे सीमा सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर खतरा, कोर्ट में केंद्र की दलील
केंद्र ने जोर दिया कि लद्दाख एक रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र है। किसी भी अलगाववादी गतिविधि या провोकेशन से वहां शांति और सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है, इस आधार पर हिरासत आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और मामले को आगे की सुनवाई के लिए स्थगित किया। अब न्यायालय तय करेगा कि क्या हिरासत को आगे बढ़ाना सुरक्षित है या नहीं।