अरावली पर नई परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, अलवर में कांग्रेस का जश्न—नंगली सर्किल पर मनी जीत की खुशी…
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली की नई परिभाषा से जुड़े आदेश पर रोक लगाए जाने को पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस फैसले से अरावली क्षेत्र में अनियंत्रित खनन और पर्यावरणीय क्षति पर लगाम लगेगी। यह निर्णय न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे उत्तर भारत के पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत का बयान
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने कहा कि यह फैसला पर्यावरण संरक्षण, अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा और आमजन के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से जनता की जागरूकता और लंबे संघर्ष की जीत है। गंगावत ने आरोप लगाया कि अरावली की नई परिभाषा से प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचने का खतरा था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने समय रहते रोका है।
‘अरावली बचाओ’ जनजागरण अभियान का असर
कांग्रेस पार्टी द्वारा अरावली पर्वतमाला को बचाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में ‘अरावली बचाओ’ जनजागरण अभियान चलाया गया। इस अभियान में आमजन, पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कांग्रेस का दावा है कि इसी जनदबाव और जागरूकता के चलते आज अरावली संरक्षण के पक्ष में सकारात्मक फैसला सामने आया है।
नंगली चौराहे पर मिठाई बांटकर मनाई खुशी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खुशी में जिला कांग्रेस कमेटी, अलवर द्वारा नंगली चौराहे पर आमजन को मिठाई खिलाकर उत्सव मनाया गया। कार्यकर्ताओं ने इसे जनहित की जीत बताते हुए पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में नारे भी लगाए। मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
“अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं, भविष्य की नींव”
प्रकाश गंगावत ने कहा कि अरावली केवल पहाड़ नहीं, बल्कि हमारी जल सुरक्षा, पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने साफ किया कि इसके संरक्षण के लिए कांग्रेस पार्टी और आमजन का संघर्ष आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला एवं शहर कांग्रेस पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, सेवादल सहित अनेक वरिष्ठ और युवा नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में अजित यादव, आर्यन जुबेर खान, प्रदीप आर्य, गफूर खान, जोगेन्द्र कोचर, पुष्पेन्द्र धाबाई, कमलेश सैनी, जीतकौर सांगवान, लीली यादव, रेखा चौधरी, चन्द्रभान गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही।
आगे भी जारी रहेगा अरावली संरक्षण का आंदोलन
कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला संघर्ष की एक अहम जीत है, लेकिन अरावली को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए जनआंदोलन लगातार जारी रहेगा। पर्यावरण संरक्षण को लेकर आने वाले दिनों में और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।