गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल के घर डकैती का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार; भागते समय टूटे हाथ-पैर
गुरुग्राम के पालम विहार क्षेत्र में रिटायर्ड कर्नल के घर हुई सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं और उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस से बचने की कोशिश में आरोपी घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
रिटायर्ड कर्नल के घर को बनाया था निशाना
घटना 4 जून की तड़के की बताई जा रही है। शिकायत के अनुसार चार बदमाश घर के पिछले हिस्से की लोहे की ग्रिल काटकर अंदर घुसे थे। घर में घुसने के बाद उन्होंने परिवार के सदस्यों को डराकर बंधक बना लिया और पूरे मकान में लूटपाट की। आरोपियों ने सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों के साथ नकदी और अन्य कीमती सामान भी अपने कब्जे में ले लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच पालम विहार थाना पुलिस से क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद टीम ने दिल्ली के संगम विहार क्षेत्र में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की।
गिरफ्तारी से बचने के लिए लगाई छलांग
पुलिस के अनुसार जब टीम आरोपियों तक पहुंची तो उन्होंने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की। भागने के दौरान चारों आरोपी एक अंडरपास में कूद गए। इस दौरान एक आरोपी के दोनों पैर टूट गए, जबकि अन्य आरोपियों के हाथ और पैरों में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। घायल हालत में सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
कई राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े कुल 24 मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस गिरोह ने अन्य किन वारदातों को अंजाम दिया है और उनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
पूछताछ के बाद सामने आ सकते हैं और खुलासे
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के स्वस्थ होने के बाद उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। पूछताछ के दौरान अन्य मामलों और संभावित साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से कई अन्य आपराधिक मामलों के खुलासे भी हो सकते हैं।