बलिया में 5 साल की बच्ची का अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म का आरोप; मुख्य आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। बांसडीहरोड क्षेत्र में 5 वर्षीय बच्ची के अपहरण के बाद उसके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। मेडिकल जांच और न्यायालय में दर्ज बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में गंभीर धाराएं बढ़ाते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
दादा के साथ घर लौट रही थी बच्ची
जानकारी के अनुसार बच्ची अपने दादा के साथ घर वापस लौट रही थी। रास्ते में दादा कुछ समय के लिए सड़क किनारे शौच के लिए रुक गए। इसी दौरान बच्ची कुछ दूरी पर अकेली रह गई। आरोप है कि मौके का फायदा उठाकर बाइक सवार कुछ लोग बच्ची को अपने साथ ले गए। जब दादा वापस लौटे तो बच्ची वहां नहीं मिली, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई।
अपहरण के बाद दुष्कर्म का आरोप
परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में बच्ची के मिलने और मेडिकल परीक्षण के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। जांच में सामने आए तथ्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म तथा पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ दीं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
मेडिकल रिपोर्ट और बयान बने अहम आधार
पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट और न्यायालय में दर्ज कराए गए बयान जांच के महत्वपूर्ण आधार बने हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धाराएं बढ़ाई गईं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना में कितने लोग शामिल थे और उनकी भूमिकाएं क्या थीं।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, तलाश जारी
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है और उसके आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में आक्रोश, सुरक्षा को लेकर चिंता
घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं बच्चियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।