STVNEWS RAJASTHANअलवर से पूरे राजस्थान तकसोमवार, 2 नवंबर 2026LIVE TV

472 परिवारों को मिला अपना घर, जयपुर में फ्री फ्लैट आवंटित; CM ने सौंपे पत्र

इंट्रो: जयपुर में विमुक्त, घुमंतू और अर्धघुमंतू समुदाय के 472 परिवारों के लिए बड़ी राहत सामने आई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की ओर से जयसिंहपुरा क्षेत्र में तैयार किए गए 472 फ्लैट लाभार्थी परिवारों को निःशुल्क आवंटित किए गए। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लाभार्थियों को आवंटन पत्र और फ्लैट की चाबियां सौंपीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद परिवार तक पहुंचाना है। स्थायी आवास मिलने से इन परिवारों को अस्थायी ठिकानों और किराए के मकानों पर निर्भरता से राहत मिलने की उम्मीद है।

472 परिवारों को मिली स्थायी छत

जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विमुक्त, घुमंतू और अर्धघुमंतू समुदाय के 472 परिवारों को आवास का लाभ दिया गया। इन परिवारों को JDA की ओर से तैयार किए गए फ्लैट निःशुल्क आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लाभार्थियों को आवंटन पत्र सौंपे और उन्हें उनके नए आशियाने की चाबियां भी दीं। लंबे समय से स्थायी आवास की जरूरत महसूस कर रहे परिवारों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आवास मिलने के बाद लाभार्थियों के सामने रहने की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित होगी और उन्हें अस्थायी ठिकानों पर निर्भर रहने की मजबूरी कम होगी।

जयसिंहपुरा में JDA ने तैयार किए फ्लैट

इन आवासों का निर्माण जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से जयसिंहपुरा क्षेत्र में कराया गया है। योजना के तहत तैयार किए गए फ्लैटों को पात्र परिवारों को आवंटित किया गया है। आवासीय इकाइयों को इस तरह तैयार किया गया है कि परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जरूरी जगह उपलब्ध हो सके। सरकार और प्रशासन की ओर से इसे जरूरतमंद परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है। फ्लैट मिलने के बाद लाभार्थी परिवार अब अपने नए घर में सुरक्षित और स्थायी तरीके से रह सकेंगे।

एक रूम, हॉल और किचन की सुविधा

JDA की ओर से तैयार प्रत्येक फ्लैट में एक कमरा, हॉल, किचन और लेट-बाथ की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यानी परिवारों को रहने, खाना बनाने और दैनिक जरूरतों के लिए अलग-अलग स्थान मिलेंगे। इन फ्लैटों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पात्र लाभार्थियों को आवास निःशुल्क आवंटित किए गए हैं। ऐसे परिवारों के लिए यह सुविधा आर्थिक रूप से भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि स्थायी मकान खरीदना या लंबे समय तक किराए का भुगतान करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आवास मिलने से परिवारों को सामाजिक और आर्थिक स्थिरता की उम्मीद है।

CM बोले- जरूरतमंद तक पहुंचना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को लंबे समय से स्थायी आवास की आवश्यकता थी, उन्हें अब अपना घर उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार राज्य में जरूरतमंद वर्गों को आवास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचे।

कार्यक्रम में कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद

फ्लैट आवंटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ नगरीय स्वायत्त शासन एवं विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत भी मौजूद रहे। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि सरकार ऐसे परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

लाभार्थियों के लिए सिर्फ मकान नहीं, नई शुरुआत

472 परिवारों को आवास मिलने के बाद कार्यक्रम में लाभार्थियों में खुशी देखने को मिली। इन परिवारों के लिए यह सिर्फ एक फ्लैट का आवंटन नहीं, बल्कि स्थायी जीवन की ओर बढ़ने का अवसर माना जा रहा है। अपना घर होने से परिवारों को किराए या अस्थायी ठिकानों पर निर्भरता से राहत मिल सकती है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई और परिवार की सामाजिक स्थिरता के लिए भी बेहतर माहौल बनने की उम्मीद है। सरकार की ओर से इस पहल को वंचित और जरूरतमंद परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

इस खबर को शेयर करें

इस खबर में कोई गलती दिखी? हमें बताएं

Google पर STV की खबरें ज़्यादा देखें

STV को अपना पसंदीदा स्रोत चुनें।