जनसुनवाई में प्रशासन सख्त: 183 शिकायतों पर कार्रवाई, एक ही दिन में अनुकम्पा नियुक्ति का रास्ता साफ
अलवर में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में प्रशासन ने सक्रियता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 183 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सख्त निर्देश दिए। खास बात यह रही कि एक फरियादी की अनुकम्पा नियुक्ति में आ रही बाधा को मौके पर ही दूर कर दिया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली की तत्परता और जवाबदेही साफ नजर आई।
जनसुनवाई में उमड़ा जनसमूह, 183 परिवेदनाएं दर्ज
मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित इस जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कुल 183 परिवेदनाएं दर्ज की गईं, जिनमें राजस्व, नगर निगम, यूआईटी, जलदाय, विद्युत और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। कई फरियादियों ने पेयजल संकट, टूटी पाइपलाइन, सड़कों की खराब स्थिति और अतिक्रमण जैसी समस्याएं उठाईं। जिला कलक्टर ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
अधिकारियों को सख्त निर्देश, फीडबैक सिस्टम पर जोर
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि जनसुनवाई और सम्पर्क पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे रैंडम आधार पर परिवादियों से फोन पर संपर्क कर समाधान की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लें। इसके साथ ही प्रत्येक विभाग को अपने स्तर पर नियमित जनसुनवाई आयोजित करने के निर्देश दिए गए, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।
पेयजल, सड़क और अतिक्रमण मुद्दों पर फोकस
जनसुनवाई में सामने आई समस्याओं में पेयजल आपूर्ति सबसे प्रमुख रही। कई क्षेत्रों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और सड़कों की खुदाई के बाद मरम्मत न होने की शिकायतें मिलीं। इस पर जिला कलक्टर ने जलदाय विभाग को तत्काल प्रभाव से व्यवस्था सुधारने और खुदाई के बाद सड़कों को शीघ्र ठीक करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कचरा निष्पादन, नाला निर्माण, अतिक्रमण हटाने और बिजली लाइनों के स्थानांतरण जैसे मुद्दों पर भी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा गया।
ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर भी गंभीरता
ग्रामीण इलाकों से आए परिवादियों ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, बिजली कनेक्शन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और पीएम किसान योजना से जुड़ी समस्याएं उठाईं। जिला कलक्टर ने इन मामलों को भी प्राथमिकता में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। विशेष रूप से समाज कल्याण विभाग को पेंशन से जुड़े मामलों का उसी दिन निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रशासन का यह रुख दर्शाता है कि ग्रामीण समस्याओं को भी समान महत्व दिया जा रहा है।
निकिता मीणा को मिली राहत, मौके पर समाधान
जनसुनवाई में एक संवेदनशील मामला सामने आया, जिसमें निकिता मीणा ने अपनी माता के निधन के बाद अनुकम्पा नियुक्ति में आ रही अड़चन की शिकायत की। जिला कलक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति आदेश जारी कर दिए, जिससे निकिता की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया। मौके पर ही समाधान मिलने से फरियादी ने खुशी जताई और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद,
वीसी से जुड़े अधिकारी
जनसुनवाई के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें एडीएम, नगर निगम आयुक्त, यूआईटी सचिव, जिला परिषद सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे। वहीं उपखण्ड और विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि आमजन का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो सके।