मिजोरम सीमा के पास US-बांग्लादेश सैन्य अभ्यास, पूर्वोत्तर सुरक्षा पर बढ़ी रणनीतिक चर्चा
भारत की पूर्वोत्तर सीमा से सटे बांग्लादेश के चटगांव हिल ट्रैक्ट्स में अमेरिका और बांग्लादेश की सेनाएं संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘टाइगर लाइटनिंग 2026’ कर रही हैं। यह अभ्यास भारत के मिजोरम सीमा क्षेत्र के बेहद करीब होने के कारण सामरिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि इस अभ्यास को दोनों देशों ने सैन्य सहयोग और परिचालन क्षमता बढ़ाने की पहल बताया है, लेकिन इसकी भौगोलिक स्थिति भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय रणनीति के संदर्भ में अहम मानी जा रही है।
मिजोरम सीमा के पास चल रहा संयुक्त सैन्य अभ्यास
अमेरिका और बांग्लादेश की सेनाओं के बीच 19 जुलाई से शुरू हुआ ‘टाइगर लाइटनिंग’ संयुक्त सैन्य अभ्यास 31 जुलाई तक चलेगा। यह अभ्यास बांग्लादेश के चटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है, जो भारत के मिजोरम और म्यांमार की सीमा के निकट स्थित है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह इलाका सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां तीन देशों की सीमाएं अपेक्षाकृत नजदीक आती हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी बड़े सैन्य अभ्यास पर भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया की नजर बनी रहती है।
2017 से जारी है ‘टाइगर लाइटनिंग’ अभ्यास
टाइगर लाइटनिंग अमेरिका और बांग्लादेश के बीच होने वाला वार्षिक सैन्य अभ्यास है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। कोविड-19 महामारी के दौरान इसमें अस्थायी व्यवधान आया था, लेकिन बाद में इसे फिर नियमित रूप से आयोजित किया जाने लगा। इस वर्ष के अभ्यास में अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड और ओरेगन नेशनल गार्ड के 91 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं, जबकि बांग्लादेश सेना की पैरा कमांडो ब्रिगेड सहित विभिन्न इकाइयों के 93 जवान इसमें शामिल हैं। अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त संचालन क्षमता, प्रशिक्षण और समन्वय को मजबूत करना बताया गया है।
भारत के लिए क्यों अहम है चटगांव हिल ट्रैक्ट्स?
चटगांव हिल ट्रैक्ट्स का क्षेत्र भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। यह इलाका मिजोरम की सीमा से सटा हुआ है और म्यांमार के करीब भी स्थित है। इसके अलावा भारत द्वारा विकसित किए जा रहे म्यांमार के सित्तवे बंदरगाह तक पहुंच के दृष्टिकोण से भी यह क्षेत्र रणनीतिक महत्व रखता है। इसी कारण इस इलाके में किसी भी विदेशी सैन्य गतिविधि को भारत सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन के नजरिए से गंभीरता से देखता है।
बांग्लादेश और अमेरिका ने बताया सहयोग बढ़ाने का प्रयास
संयुक्त अभ्यास के उद्घाटन समारोह में बांग्लादेश सेना के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मैनुर रहमान और ढाका में अमेरिकी राजदूत ब्रेंट टी. क्रिस्टेंसन मौजूद रहे। बांग्लादेशी सेना के अनुसार, यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने, संयुक्त अभियानों की क्षमता बढ़ाने और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से दोनों सेनाओं के बीच समन्वय और आधुनिक सैन्य कौशल में सुधार होता है।
क्षेत्रीय रणनीति पर बनी हुई है नजर
चटगांव क्षेत्र पहले भी अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक चर्चाओं का केंद्र रह चुका है। अतीत में इस इलाके को लेकर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और विश्लेषणों में कई तरह की संभावनाओं का उल्लेख किया गया था, हालांकि उन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। वर्तमान सैन्य अभ्यास को भी भारत, बांग्लादेश और अमेरिका के व्यापक सामरिक संबंधों तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की बदलती रणनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र की भू-राजनीतिक अहमियत और बढ़ सकती है।