जयपुर अपहरण कांड का मास्टरमाइंड दुबई से गिरफ्तार, रेड कॉर्नर नोटिस था जारी
इंट्रो:
जयपुर में पुलिस की वर्दी पहनकर व्यापारी का अपहरण और फिरौती मांगने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी करण आसवानी उर्फ कमल सिंधी को दुबई से गिरफ्तार कर भारत लाया गया है। राजस्थान एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की टीम आरोपी को लेकर जयपुर पहुंची। आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और पुलिस उसकी तलाश में लंबे समय से जुटी थी। मामला जयपुर के खोह नागोरियान थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और वारदात में उसकी भूमिका के बारे में जानकारी जुटाएगी।
पुलिस की वर्दी पहनकर व्यापारी का अपहरण
मामला 20 अगस्त 2025 का है। पुलिस के अनुसार व्यापारी नरेन्द्र नाथ दत्ता अपने घर से वैशाली नगर जाने के लिए निकले थे। उनके साथ एक परिचित और चालक भी था। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। अगले दिन परिवार के पास व्यापारी के मोबाइल से फोन आया, जिसमें उनके अपहरण की जानकारी देते हुए रिहाई के बदले फिरौती मांगी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और व्यापारी नरेन्द्र नाथ दत्ता तथा उनके चालक योगेश को सुरक्षित छुड़ा लिया।
अपहरण में पुलिस की वर्दी और गाड़ियों का इस्तेमाल
जांच के दौरान पुलिस के सामने आया कि आरोपियों ने पुलिसकर्मी की वर्दी पहनकर कथित तौर पर अपहरण की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के मुताबिक, अपहृत लोगों को अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाकर रखा गया और उनके परिजनों से फिरौती की मांग की गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने हर्ष गौतम, कनक गांगुली और अजय बेनीवाल उर्फ शाका को गिरफ्तार किया। वारदात में इस्तेमाल इनोवा क्रिस्टा और स्विफ्ट कार भी बरामद की गई।
साथियों की गिरफ्तारी के बाद विदेश भागा करण
जांच आगे बढ़ने पर करण आसवानी उर्फ कमल सिंधी की कथित भूमिका सामने आई। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। पुलिस के मुताबिक, करण संगठित अपराध से जुड़े एक सिंडिकेट का हिस्सा भी रहा है। लगातार तलाश के बावजूद आरोपी के नहीं मिलने पर उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी कराया गया। बाद में पुलिस को जानकारी मिली कि करण देश छोड़कर विदेश भाग चुका है।
रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए शुरू हुई अंतरराष्ट्रीय तलाश
आरोपी के विदेश भागने के बाद AGTF ने उसकी तलाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई तेज की। पुलिस के अनुसार, करण के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी कराया गया और इंटरपोल के साथ समन्वय किया गया। अबू धाबी स्थित इंटरपोल टीम के साथ संपर्क कर आरोपी से संबंधित जानकारी साझा की गई। तकनीकी और अन्य माध्यमों से उसकी लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद आरोपी के दुबई में होने की जानकारी सामने आई और उसे वहां डिटेन किया गया।
31 अगस्त को दुबई रवाना हुई AGTF टीम
करण को भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद AGTF की टीम 31 अगस्त को जयपुर से दुबई के लिए रवाना हुई। टीम का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा ने किया। उनके साथ DSP रविंद्र प्रताप तथा पुलिस निरीक्षक सुनील जांगिड़ और राम सिंह नाथावत की टीमें भी शामिल थीं। आवश्यक कानूनी और अंतरराष्ट्रीय समन्वय प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम आरोपी को अपने साथ भारत लेकर आई और जयपुर पहुंची।
करीब 25 साल पुराना बताया जा रहा आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, करण आसवानी का आपराधिक इतिहास करीब ढाई दशक पुराना है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ वर्ष 2000 में मुरलीपुरा थाने में हत्या का पहला मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद 2003 और 2005 में शिप्रापथ, 2009 में मानसरोवर तथा 2023 में बिंदायका, खोह नागोरियान और मानसरोवर थानों में अपहरण, जबरन वसूली, मारपीट समेत विभिन्न मामलों में प्रकरण दर्ज हुए। वर्ष 2025 का व्यापारी अपहरण और संगठित अपराध से जुड़ा मामला भी उसके रिकॉर्ड में शामिल है।
जयपुर में होगी आरोपी से आगे की पूछताछ
दुबई से भारत लाए गए करण आसवानी से अब पुलिस विस्तृत पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि व्यापारी के अपहरण की साजिश में उसकी क्या भूमिका थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित आपराधिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
इंटरपोल के समन्वय से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जयपुर में व्यापारी के अपहरण से शुरू हुआ यह मामला आरोपी के विदेश भागने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया। AGTF ने रेड कॉर्नर नोटिस और इंटरपोल के साथ समन्वय के जरिए आरोपी की तलाश जारी रखी। पुलिस के मुताबिक, तकनीकी जानकारी के आधार पर करण की लोकेशन का पता चला और उसे दुबई में डिटेन कराया गया। अब भारत वापस आने के बाद इस मामले की आगे की जांच जयपुर पुलिस और संबंधित जांच टीमों द्वारा की जाएगी।