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सत्य निकेतन हादसे का आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार, भिवाड़ी में दबोचा; 10 टीमें कर रही थीं तलाश

इंट्रो:
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ लिया है। हादसे के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी को हिरासत में लेने के बाद उससे पूछताछ की जा रही है। मामले में इमारत के रखरखाव में कथित लापरवाही और लोगों की सुरक्षा से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। हादसे के बाद एमसीडी के दक्षिणी जोन के उपायुक्त समेत चार इंजीनियरों को भी निलंबित किया गया था।

सत्य निकेतन हादसे के बाद राजस्थान भागा था हरिराम

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के बाद कथित मालिक हरिराम बंसल पुलिस की पकड़ से बाहर था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की थीं और अलग-अलग राज्यों में उसकी लोकेशन खंगाली जा रही थी। पुलिस की जांच के दौरान उसके राजस्थान में होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद टीम ने भिवाड़ी में कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया। पुलिस अब आरोपी से हादसे से जुड़े तमाम पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।

आरोपी के खिलाफ जारी किया गया था लुक आउट नोटिस

पुलिस ने हरिराम बंसल की तलाश के लिए पहले लुक आउट नोटिस जारी किया था। इसके बाद उसकी तलाश का दायरा बढ़ाया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज है और हादसे में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। इमारत के रखरखाव में कथित लापरवाही और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। पूछताछ के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पीजी में रहते थे छात्र, बेसमेंट में चल रहा था काम

पुलिस के अनुसार जिस इमारत में हादसा हुआ, उसका इस्तेमाल पीजी के तौर पर किया जा रहा था। यहां कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र रहते थे। बताया जा रहा है कि इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान भवन का हिस्सा ढह गया। हादसे की परिस्थितियों और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की पुलिस जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि भवन में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

आरोपी को पकड़ने के लिए बनाई गई थीं 10 टीमें

हरिराम बंसल को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने करीब 10 टीमें लगाई थीं। पुलिस के मुताबिक टीमें अलग-अलग राज्यों में संभावित ठिकानों पर जांच कर रही थीं। तकनीकी जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे भिवाड़ी से हिरासत में लिया गया। अब पुलिस की कोशिश मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करने और हादसे की पूरी कड़ी को जोड़ने की है।

एमसीडी के अधिकारी और इंजीनियर भी हुए निलंबित

सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई हुई थी। एमसीडी के दक्षिणी जोन के उपायुक्त और चार इंजीनियरों को निलंबित किया गया। इस कार्रवाई के बाद भवन की स्थिति, निगरानी और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठे। पुलिस की जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

स्थानीय लोगों ने उठाए पीजी व्यवस्था पर सवाल

हादसे के बाद इलाके में पीजी व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों और छात्रों ने भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों के बीच कथित ‘पीजी माफिया’ को लेकर आरोप लगाए गए हैं। कुछ छात्रों का दावा है कि इलाके की पुरानी इमारतों को किराये या ठेके पर लेकर उनमें बदलाव किए जाते हैं और फिर पीजी संचालित किए जाते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी।

अब पुलिस की पूछताछ पर टिकी नजर

हरिराम बंसल की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की पूछताछ अहम मानी जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि इमारत की हालत कैसी थी, वहां किस तरह का मरम्मत कार्य चल रहा था और भवन की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए थे। पुलिस हादसे से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। पूछताछ और जांच के आधार पर मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Stv News Rajasthan

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