Meta ने विवादित Muse Image AI फीचर हटाया, प्राइवेसी पर उठे सवाल
सोशल मीडिया दिग्गज Meta ने अपने नए AI इमेज जनरेशन फीचर Muse Image को लॉन्च के कुछ ही समय बाद वापस ले लिया है। यह फीचर Instagram के सार्वजनिक (Public) अकाउंट्स की तस्वीरों और कंटेंट का उपयोग AI इमेज बनाने के लिए करता था, जिसे लेकर प्राइवेसी पर गंभीर सवाल उठे। बढ़ते विरोध और आलोचनाओं के बीच कंपनी ने फीचर को बंद करने का फैसला किया है।
बिना अनुमति पब्लिक कंटेंट के इस्तेमाल पर मचा विवाद
Muse Image फीचर को Meta की सुपरइंटेलीजेंस लैब्स ने विकसित किया था। इसके जरिए यूजर्स Meta AI चैटबॉट में किसी भी पब्लिक Instagram अकाउंट को टैग कर उसके कंटेंट के आधार पर नई AI इमेज या रीमिक्स तैयार कर सकते थे। विवाद की सबसे बड़ी वजह यह रही कि यह सुविधा डिफॉल्ट रूप से सक्रिय थी और संबंधित यूजर की स्पष्ट अनुमति के बिना उसकी तस्वीरों का उपयोग संभव था। इसी कारण डिजिटल प्राइवेसी और व्यक्तिगत अधिकारों को लेकर व्यापक विरोध शुरू हो गया।
यूजर्स और संगठनों ने जताई कड़ी आपत्ति
फीचर सामने आने के बाद दुनियाभर में कई डिजिटल अधिकार संगठनों और कलाकारों ने इसका विरोध किया। हॉलीवुड कलाकारों के संगठन SAG-AFTRA ने अपने सदस्यों और Instagram उपयोगकर्ताओं से इस सुविधा से बाहर निकलने (ऑप्ट-आउट) की अपील की। वहीं, लंदन स्थित संस्था Privacy International ने भी कहा कि AI कंपनियों को लोगों की तस्वीरों और निजी डेटा के उपयोग में पारदर्शिता और स्पष्ट सहमति सुनिश्चित करनी चाहिए। बढ़ते दबाव के बाद Meta को अपना फैसला बदलना पड़ा।
Meta ने स्वीकार की गलती, कहा- यूजर्स की प्रतिक्रिया अहम
विवाद बढ़ने पर Meta ने माना कि इस फीचर को लेकर कंपनी से चूक हुई। कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल एक रचनात्मक AI टूल उपलब्ध कराना था, लेकिन यूजर्स की प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेते हुए फीचर को वापस लिया गया। Meta ने यह भी कहा कि लोगों को अपने सार्वजनिक कंटेंट के उपयोग पर अधिक नियंत्रण मिलना चाहिए और भविष्य में ऐसे फीचर्स विकसित करते समय इस पहलू का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
भारत में भी जांच के संकेत
हालांकि Muse Image फीचर भारत में उपलब्ध नहीं कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद इसे लेकर यहां भी चिंता जताई गई। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने संकेत दिए हैं कि यदि इस तरह का फीचर भारतीय उपयोगकर्ताओं तक पहुंचता है तो उसे मौजूदा कानूनी प्रावधानों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर परखा जाएगा। इससे स्पष्ट है कि AI आधारित सेवाओं पर नियामकीय निगरानी भी लगातार बढ़ रही है।
भविष्य की AI योजनाओं पर बनी रहेगी नजर
Meta ने स्पष्ट किया है कि Muse Image फिलहाल केवल Instagram के लिए तैयार किया गया था, हालांकि भविष्य में कंपनी इसे WhatsApp, Facebook और Messenger जैसे प्लेटफॉर्म तक विस्तार देने की योजना बना रही थी। इसके अलावा AI वीडियो जनरेशन टूल पर भी काम जारी है। फिलहाल Muse Image को हटा दिया गया है, लेकिन AI तकनीक और यूजर प्राइवेसी के बीच संतुलन बनाने की चुनौती Meta सहित पूरी टेक इंडस्ट्री के सामने बनी हुई है।