त्वचा पर गोल लाल निशान और खुजली को न करें नजरअंदाज, बारिश में हो सकता है टीनिया संक्रमण
बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन उमस और नमी के कारण त्वचा संबंधी संक्रमण तेजी से बढ़ जाते हैं। यदि त्वचा पर गोल लाल चकत्ते, लगातार खुजली या जलन महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य एलर्जी समझकर अनदेखा न करें। विशेषज्ञों के अनुसार यह टीनिया (Tinea) नामक फंगल संक्रमण हो सकता है, जो समय पर उपचार न मिलने पर शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है।
क्या है टीनिया संक्रमण?
टीनिया एक सामान्य फंगल संक्रमण है, जो त्वचा की ऊपरी परत पर विकसित होता है। इसमें त्वचा पर लाल रंग के गोलाकार चकत्ते दिखाई देते हैं, जिनके किनारे उभरे हुए होते हैं और बीच का हिस्सा अपेक्षाकृत साफ या सूखा नजर आता है। संक्रमण के साथ तेज खुजली, जलन और त्वचा में असहजता महसूस हो सकती है। यह संक्रमण शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है और समय रहते इलाज न मिलने पर तेजी से फैल सकता है।
शरीर के अलग-अलग हिस्सों में अलग नाम
शरीर के जिस हिस्से में यह संक्रमण होता है, उसके अनुसार इसे अलग-अलग नाम दिए जाते हैं। सिर की त्वचा में होने पर इसे टीनिया कैपिटिस कहा जाता है, जिससे बाल झड़ने और पपड़ी बनने की समस्या हो सकती है। हाथ, पैर और धड़ पर होने वाला संक्रमण टीनिया कॉर्पोरिस कहलाता है। पैरों की उंगलियों के बीच होने वाला संक्रमण टीनिया पेडिस (एथलीट्स फुट) और जांघों या गुप्तांगों के आसपास होने वाला संक्रमण टीनिया क्रूरिस (जॉक इच) के नाम से जाना जाता है।
बारिश में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
फंगस को बढ़ने के लिए नमी और गर्म वातावरण सबसे अनुकूल माना जाता है। बारिश के मौसम में अधिक पसीना, भीगे कपड़े और लंबे समय तक त्वचा का नम बने रहना संक्रमण के खतरे को बढ़ा देता है। विशेष रूप से पैरों की उंगलियों, बगल और जांघों जैसे हिस्सों में नमी जमा होने से फंगल संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
कैसे फैलता है यह संक्रमण?
टीनिया एक संक्रामक फंगल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से फैल सकता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के तौलिया, कपड़े, कंघी, बिस्तर या अन्य व्यक्तिगत सामान का उपयोग करने से भी संक्रमण हो सकता है। कुछ मामलों में संक्रमित पालतू कुत्ते या बिल्ली के संपर्क से भी यह बीमारी फैलने की संभावना रहती है।
बचाव के आसान उपाय
टीनिया से बचाव के लिए त्वचा को हमेशा साफ और सूखा रखें। पसीना आने पर तुरंत कपड़े बदलें और ढीले, सूती वस्त्र पहनें। तौलिया, कपड़े या अन्य निजी सामान किसी के साथ साझा न करें। यदि संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए त्वचा रोग विशेषज्ञ की सलाह लें और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई एंटीफंगल दवा या क्रीम का ही उपयोग करें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या दवा के उपयोग से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।