बद्रीनाथ धाम कथित चोरी मामला: BKTC उपाध्यक्ष बोले- आरोपी गिरफ्तार, सुरक्षा होगी और मजबूत
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से जुड़े कथित चोरी के मामले में जांच तेज हो गई है। BKTC के उपाध्यक्ष विजय कपरूवान ने बताया कि मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य सामने आ जाएंगे। साथ ही मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाने और विशेष सुरक्षा टीम तैनात करने की योजना की जानकारी भी दी।
सोशल मीडिया पर सामने आया मामला, तुरंत बनी जांच टीम
विजय कपरूवान ने बताया कि कथित चोरी की जानकारी सबसे पहले 2 तारीख को सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई। मामला संज्ञान में आते ही BKTC ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रारंभिक जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया। इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार ने भी वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अलग जांच टीम बनाई है।
एक संदिग्ध गिरफ्तार, जांच जारी
BKTC उपाध्यक्ष के अनुसार, जांच के दौरान एक वैदिक सहायक का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। कपरूवान ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला
विजय कपरूवान ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि बद्रीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थल पर इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मंदिर परिसर में लगेंगे हाई-क्वालिटी CCTV कैमरे
घटना के बाद BKTC ने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। उपाध्यक्ष ने बताया कि मंदिर परिसर के सभी प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर आधुनिक हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि हर गतिविधि पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
विशेष सुरक्षा टीम भी होगी तैनात
BKTC ने बताया कि मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा टीम तैनात करने का प्रस्ताव पहले से तैयार था, जिसे अब जल्द लागू किया जाएगा। समिति का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है।