स्मार्ट मीटर के विरोध में गरजे टीकाराम जूली, बोले- किसानों और आमजन की आवाज बन चुका है आंदोलन
राजस्थान के बूंदी में स्मार्ट मीटर के विरोध में आयोजित ‘किसान हुंकार’ कार्यक्रम को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है और बिजली कंपनियां प्रशासनिक सहमति के बावजूद मनमाने तरीके से मीटर लगा रही हैं।
‘पूरे राजस्थान का आंदोलन बन चुका है किसान हुंकार’
टीकाराम जूली ने कहा कि बूंदी में शुरू हुआ स्मार्ट मीटर विरोधी आंदोलन अब केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राजस्थान के किसानों और आम लोगों की आवाज बन गया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेशभर में लोग स्मार्ट मीटर को लेकर अपनी चिंता जता रहे हैं।
सरकार और बिजली कंपनियों पर लगाए आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार स्मार्ट मीटर योजना के जरिए आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि बिजली वितरण कंपनियां मनमाने ढंग से काम कर रही हैं और उपभोक्ताओं की आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। हालांकि, सरकार और बिजली विभाग की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रशासनिक समझौते के उल्लंघन का आरोप
जूली ने कहा कि बूंदी में प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच स्मार्ट मीटर नहीं लगाने को लेकर सहमति बनने के बावजूद कुछ स्थानों पर मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना बताते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
पुलिस कार्रवाई की आलोचना
टीकाराम जूली ने आंदोलन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों और कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई उचित नहीं है और दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं की सराहना
नेता प्रतिपक्ष ने हिंडोली-बूंदी क्षेत्र में आंदोलन को आगे बढ़ाने वाले कांग्रेस विधायक अशोक चांदना, सी.एल. प्रेमी और अन्य कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे किसानों और आम जनता के मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं।