पचपदरा रिफाइनरी पर टीकाराम जूली का हमला: “80% काम कांग्रेस का, लागत दोगुनी कर श्रेय ले रही भाजपा”
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पचपदरा रिफाइनरी को लेकर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव यूपीए सरकार के समय आदरणीय सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में रखी गई थी, जिसकी शुरुआती लागत करीब ₹39,000 करोड़ थी।
जूली ने दावा किया कि रिफाइनरी का लगभग 80 से 85 प्रतिशत कार्य कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूरा हुआ, लेकिन अब भाजपा सरकार इसका पूरा श्रेय लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस परियोजना का दो बार शिलान्यास कर चुके हैं और अब उद्घाटन भी दो बार करने की तैयारी है।
उन्होंने रिफाइनरी में पहले हुई आग की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस हादसे के कारणों को लेकर आज तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। जूली ने कहा कि उस समय बड़े स्तर पर रैली आयोजित की गई थी, लेकिन अब भीड़ नहीं जुटने के कारण इस बार कोई बड़ी सभा नहीं की जा रही है।
लागत बढ़ने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ₹39,000 करोड़ की परियोजना को बढ़ाकर ₹90,000 करोड़ से अधिक तक पहुंचा दिया गया है, जो राजस्थान की जनता के पैसे का दुरुपयोग है। उन्होंने इसे खर्च को लगभग दोगुना करने जैसा बताया।
जूली ने कहा कि रिफाइनरी राजस्थान की लाइफलाइन है और इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की वजह से यह परियोजना करीब छह साल देरी से शुरू हो रही है, जबकि यह पहले ही चालू हो सकती थी।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले सरकारी कर्मचारियों के जरिए रैली कराने का प्रयास किया गया, लेकिन विरोध के चलते अब केवल औपचारिक कार्यक्रम किया जा रहा है।
ईआरसीपी (ERCP) योजना को लेकर भी जूली ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अजमेर और जयपुर में इस परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन अब तक इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया गया। यहां तक कि शिलान्यास के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली।
पेपर लीक के मुद्दे पर भी जूली ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राजस्थान को पेपर लीक से मुक्ति दिलाने का वादा किया था, लेकिन लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। सीकर में हुए पेपर लीक मामले में नौ दिनों तक एफआईआर दर्ज नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
इसके अलावा उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी सवाल उठाए। जूली ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राजस्थान में ईंधन के दाम हरियाणा के बराबर करने की बात कही थी, लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद आम जनता को राहत नहीं दी जा रही है।