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‘जनता बदलाव चाहती है’: सचिन पायलट का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, चुनाव से लेकर NEET तक उठाए कई सवाल

राजस्थान की सियासत विधानसभा सत्र से पहले फिर गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्थानीय निकाय और छात्रसंघ चुनावों में देरी, NEET परीक्षा विवाद, बेरोजगारी, महंगाई और संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग जैसे विषयों पर सरकार को घेरते हुए दावा किया कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है।

‘स्थानीय निकाय चुनाव टालने से सरकार पर उठ रहे सवाल’

सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पंचायत, नगर निकाय और छात्रसंघ चुनाव समय पर कराने से बच रही है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनाव तय समय पर होना संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन सरकार लगातार इन्हें टाल रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय चुनावों में देरी विरोधाभासी स्थिति पैदा करती है। पायलट ने दावा किया कि सरकार जनता के मूड को लेकर आशंकित है और इसी कारण चुनाव आगे बढ़ाए जा रहे हैं।

NEET विवाद पर उठाए शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाने या किसी पदाधिकारी के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा। पायलट के अनुसार, परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष बनाने और पेपर लीक जैसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए संगठित स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाने होंगे, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत हो सके।

विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी

सचिन पायलट ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस विपक्ष की भूमिका पूरी मजबूती से निभाएगी। उनके अनुसार, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा किए गए कई वादों पर अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। पायलट ने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाएगा और सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।

संवैधानिक संस्थाओं के उपयोग पर भी जताई चिंता

केंद्र सरकार की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पायलट का कहना था कि लोकतंत्र में सभी संस्थाओं का स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से काम करना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाता रहेगा।

राजनीतिक माहौल में बढ़ी सियासी हलचल

राजस्थान में पंचायत, निकाय और अन्य राजनीतिक गतिविधियों के बीच सचिन पायलट के इन बयानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस की ओर से सरकार पर लगातार हमलावर रुख अपनाया जा रहा है, जबकि भाजपा अपनी नीतियों और फैसलों का बचाव कर रही है। आने वाले दिनों में सदन के भीतर और बाहर इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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