#पॉलिटिक्स #राज्य-शहर

जोधपुर निगम चुनाव: BJP-कांग्रेस 44-44 पर बराबर, निर्दलीय किंगमेकर; वार्ड 50 में री-पोल

जोधपुर नगर निगम चुनाव में 100 में से 99 वार्डों के नतीजे सामने आ गए हैं। भाजपा और कांग्रेस ने 44-44 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि 11 सीटें अन्य प्रत्याशियों के खाते में गई हैं। इनमें एक RLP प्रत्याशी भी शामिल है। वार्ड 50 के एक बूथ पर EVM में तकनीकी खराबी के कारण मतदान दोबारा कराया जाएगा। यहां 16 सितंबर को री-पोल होगा और 17 सितंबर को परिणाम आएगा। अंतिम नतीजे से पहले ही मेयर चुनाव स्थगित कर दिया गया है। अब दोनों प्रमुख दलों की नजर 11 निर्दलीय पार्षदों पर है। बोर्ड गठन में इनकी भूमिका निर्णायक हो सकती है।

99 वार्डों के नतीजे आए, BJP-कांग्रेस बराबर

जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में से 99 के परिणाम घोषित हो चुके हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने 44-44 वार्डों में जीत दर्ज की है। वहीं अन्य प्रत्याशियों के खाते में 11 सीटें गई हैं।

इन 11 में एक RLP प्रत्याशी भी शामिल है। वार्ड 50 का एक बूथ अभी बाकी है। ऐसे में फिलहाल किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। बोर्ड गठन का फैसला अब अंतिम परिणाम और निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निर्भर करेगा।

वार्ड 50 में EVM खराब, 16 सितंबर को फिर वोटिंग

वार्ड नंबर 50 के एक बूथ पर मतदान के दौरान EVM में तकनीकी खराबी सामने आई थी। इसके चलते इस बूथ की मतगणना पूरी नहीं हो सकी।

रिटर्निंग अधिकारी ने मामले में निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा। इसके बाद इस बूथ पर दोबारा मतदान कराने का फैसला हुआ है। यहां 16 सितंबर को री-पोल होगा, जबकि इसका परिणाम 17 सितंबर को घोषित किया जाएगा।

री-पोल के बाद ही जोधपुर निगम की 100 सीटों की अंतिम तस्वीर साफ होगी।

मेयर का चुनाव भी हुआ स्थगित

वार्ड 50 का परिणाम लंबित रहने के कारण जोधपुर नगर निगम में 21 सितंबर को प्रस्तावित मेयर चुनाव को स्थगित कर दिया गया है।

अब नए कार्यक्रम के तहत मेयर चुनाव की तारीख तय होगी। वार्ड 50 के परिणाम के बाद ही बोर्ड गठन का अंतिम गणित स्पष्ट होगा। इसके चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर अंतिम सीट और निर्दलीय पार्षदों पर टिक गई है।

11 निर्दलीय तय कर सकते हैं बोर्ड की सत्ता

जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस 44-44 सीटों पर हैं। ऐसे में दोनों दल बहुमत से दूर हैं। दूसरी ओर 11 निर्दलीय और अन्य पार्षदों की संख्या सत्ता की चाबी अपने हाथ में रखती है।

दोनों दल निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर सकते हैं। इसके लिए राजनीतिक संपर्क और रणनीतिक बैठकों का दौर शुरू होने की संभावना है।

वार्ड 50 का परिणाम आने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंतिम संख्या किस दल के पक्ष में जाती है। इसके बाद निर्दलीयों का समर्थन बोर्ड गठन में निर्णायक हो सकता है।

पूर्व मेयर कुंती देवड़ा को BJP की निकिता ने हराया

वार्ड 99 में भाजपा की निकिता ने कांग्रेस की पूर्व मेयर कुंती देवड़ा को 259 वोटों से हराया।

कुंती देवड़ा की हार को कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है। वहीं भाजपा की निकिता की जीत ने इस वार्ड में पार्टी की स्थिति मजबूत की है।

मेयर पद के संभावित चेहरों में कुंती देवड़ा का नाम चर्चा में था। चुनाव हारने के बाद अब उनकी दावेदारी खत्म हो गई है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओंकार वर्मा भी हारे

वार्ड 42 में भाजपा के पूर्व राज्य मंत्री मेघराज लोहिया ने कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष ओंकार वर्मा को 279 वोटों से हराया।

मेघराज लोहिया की जीत को भाजपा के लिए अहम माना जा रहा है। उनका नाम अब मेयर पद के संभावित दावेदारों में प्रमुखता से सामने आ रहा है।

वार्ड 42 का मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसमें कांग्रेस के संगठन के प्रमुख चेहरे के सामने भाजपा के अनुभवी नेता मैदान में थे।

पूर्व डिप्टी मेयर देवेंद्र सालेचा की हार

भाजपा के पूर्व डिप्टी मेयर देवेंद्र सालेचा को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। वे वार्ड 40 से चुनाव मैदान में थे।

उनके सामने कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश चंद्र जोशी थे। जोशी ने सालेचा को हराकर जीत दर्ज की।

दोनों नेताओं के नाम मेयर पद की संभावित दौड़ से जोड़े जा रहे थे। ऐसे में सालेचा की हार भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक झटका मानी जा रही है। वहीं जोशी की जीत से कांग्रेस की ओर से उनकी दावेदारी मजबूत हुई है।

नरेश चंद्र जोशी कांग्रेस के प्रमुख दावेदार

वार्ड 40 से जीतने वाले नरेश चंद्र जोशी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिलाध्यक्ष हैं। भाजपा के मजबूत नेता देवेंद्र सालेचा को हराने के बाद उनका नाम मेयर पद की संभावित दौड़ में प्रमुखता से लिया जा रहा है।

हालांकि कांग्रेस के पास मेयर पद के लिए अंतिम फैसला करने से पहले बोर्ड गठन का गणित देखना होगा। 11 निर्दलीय पार्षदों का रुख भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मेघराज लोहिया और विकास राजवानी BJP की रेस में

भाजपा की ओर से मेघराज लोहिया का नाम मेयर पद के संभावित चेहरों में सबसे आगे बताया जा रहा है। उन्होंने वार्ड 42 से कांग्रेस के शहर अध्यक्ष ओंकार वर्मा को हराया है।

इसके अलावा पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉलर विकास राजवानी ने वार्ड 28 से जीत दर्ज की है। युवा चेहरे के तौर पर उनका नाम भी चर्चा में है।

हालांकि भाजपा के संभावित मेयर उम्मीदवार का अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा।

वार्ड 7 में कांग्रेस की बड़ी जीत

वार्ड 7 में कांग्रेस प्रत्याशी गिरधारी सिंह ने भाजपा के रविंद्र सिंह को 729 वोटों से हराया।

रविंद्र सिंह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के निजी सहायक रह चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

इस सीट का परिणाम भी दोनों प्रमुख दलों के बीच कड़े मुकाबले को दर्शाता है। जोधपुर में कई वार्डों में जीत का अंतर काफी महत्वपूर्ण रहा।

सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है मेयर पद

जोधपुर नगर निगम में इस बार मेयर का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। इसका मतलब है कि किसी भी जाति या वर्ग का निर्वाचित पार्षद मेयर पद के लिए पात्र हो सकता है।

ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास अपने-अपने निर्वाचित पार्षदों में से चेहरा चुनने का विकल्प है। हालांकि पार्टी के भीतर संगठनात्मक समीकरण, वरिष्ठता और बोर्ड गठन के लिए समर्थन जुटाना भी अहम होगा।

17 सितंबर के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

अब जोधपुर की राजनीति में सबसे महत्वपूर्ण तारीखें 16 और 17 सितंबर हैं। 16 सितंबर को वार्ड 50 के संबंधित बूथ पर दोबारा मतदान होगा और 17 सितंबर को परिणाम आएगा।

इसके बाद ही नगर निगम के सभी 100 वार्डों की अंतिम स्थिति सामने आएगी। फिर भाजपा और कांग्रेस दोनों निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को लेकर अपनी रणनीति तेज कर सकते हैं।

मेयर चुनाव की नई तारीख भी इसके बाद तय होने की संभावना है। फिलहाल जोधपुर निगम में सत्ता की चाबी 11 निर्दलीय पार्षदों के हाथ में दिखाई दे रही है।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *