#राज्य-शहर

बानसूर में श्मशान रास्ते पर विवाद, शव रोककर परिजनों ने जताया विरोध

बानसूर में श्मशान रास्ते विवाद, शव रोककर विरोध

कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर क्षेत्र में श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते को लेकर विवाद उस समय बढ़ गया, जब एक महिला के अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जा रहे शव को रास्ते में रोक दिया गया। परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस और राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर रास्ता खुलवाया। प्रशासन की समझाइश के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

अंतिम संस्कार के दौरान रास्ता रोकने से बढ़ा विवाद

बानसूर के हरसौरा क्षेत्र स्थित भूरियावास की बावरियों की ढाणी में यह मामला सामने आया। ग्रामीण एक महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जा रहे थे, तभी रास्ते को लेकर विवाद हो गया। कुछ किसानों ने इस मार्ग से आवागमन का विरोध करते हुए रास्ता रोक दिया। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। परिजनों ने शव को बीच रास्ते में रखकर विरोध जताया और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर खुलवाया रास्ता

हरसौरा नायब तहसीलदार और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की। अधिकारियों ने ग्रामीणों और किसानों को समझाइश कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद खेतों के पास लगाए गए तार हटवाकर शव ले जाने के लिए रास्ता खुलवाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मामला दो तहसीलों की सीमा से जुड़ा हुआ है, इसलिए आगे की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर की जाएगी। फिलहाल समझाइश के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।

ग्रामीणों ने उठाई पक्के रास्ते की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट तक जाने वाले मार्ग की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश और अन्य परिस्थितियों में यहां आवागमन करना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट तक स्थायी और पक्का रास्ता बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अंतिम संस्कार के समय ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उनका कहना है कि यह मार्ग वर्षों से ग्रामीणों के उपयोग में रहा है।

रास्ते को लेकर दोनों पक्षों में अलग-अलग दावे

मामले में किसानों का कहना है कि जिस रास्ते से आवागमन किया जा रहा है, वहां पहले नियमित रास्ता नहीं था। वहीं ग्रामीणों का दावा है कि वे लंबे समय से इसी मार्ग का उपयोग करते आ रहे हैं। इसी मतभेद के कारण विवाद की स्थिति बनी। प्रशासन अब दोनों पक्षों के दावों और रिकॉर्ड की जांच कर स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम करेगा। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें –जयपुर क्लब में बर्थडे पार्टी बनी खूनी खेल, चाकू से युवक की हत्या

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *