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भारत-इजरायल रक्षा सहयोग को नई रफ्तार, लॉन्च हुआ DRISHTI 2.0 कार्यक्रम

भारत और इजरायल के बीच रक्षा तकनीक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है। इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने DRISHTI 2.0 कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में नवाचार, उद्योग साझेदारी और तकनीकी कारोबार को बढ़ावा देना है। इस पहल के जरिए इजरायली रक्षा स्टार्टअप्स और कंपनियों को भारतीय बाजार में नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

DRISHTI 2.0 क्या है?

DRISHTI 2.0, Dual-use Robust India-Israel High-Tech Innovation (DRISHTI) कार्यक्रम का दूसरा चरण है। इसे इजरायल के रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान एवं विकास निदेशालय (DDR&D) और हैदराबाद स्थित इनोवेशन हब T-Hub के सहयोग से संचालित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रक्षा और नागरिक उपयोग (Dual-use) वाली अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना तथा भारत और इजरायल के उद्योगों के बीच तकनीकी साझेदारी को मजबूत करना है।

भारतीय बाजार पर रहेगा विशेष फोकस

इस पहल के तहत इजरायल की रक्षा तकनीक से जुड़ी कंपनियों और स्टार्टअप्स को भारत में अपने उत्पाद, सेवाएं और तकनीकी समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों की कंपनियों के बीच संयुक्त अनुसंधान, निवेश और व्यावसायिक साझेदारी को बढ़ावा देना है। भारत को तेजी से विकसित हो रहे रक्षा और नवाचार बाजार के रूप में देखते हुए इजरायल यहां अपनी औद्योगिक मौजूदगी और सहयोग का दायरा बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

DRISHTI VIP ट्रैक भी किया गया शुरू

DRISHTI 2.0 के साथ DRISHTI VIP नाम से एक नया ट्रैक भी लॉन्च किया गया है। यह उन कंपनियों के लिए तैयार किया गया है जिनके पास पहले से विकसित और बाजार में उतारने योग्य तकनीकी समाधान मौजूद हैं। इस पहल के तहत भारत में रोडशो और बिजनेस नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां कंपनियां निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित साझेदारों के सामने अपनी तकनीक का प्रदर्शन कर सकेंगी।

इजरायल की रक्षा रणनीति का अहम हिस्सा

इजरायल के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रक्षा तकनीक का निर्यात केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। मंत्रालय का मानना है कि वैश्विक स्तर पर रक्षा सहयोग बढ़ाने से इजरायली रक्षा उद्योग को मजबूती मिलती है और देश की रणनीतिक स्थिति भी सशक्त होती है। इसी नीति के तहत भारत जैसे विश्वसनीय और दीर्घकालिक साझेदार देश के साथ सहयोग का विस्तार किया जा रहा है।

भारत-इजरायल साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि DRISHTI 2.0 दोनों देशों के बीच रक्षा नवाचार, स्टार्टअप सहयोग, अनुसंधान एवं विकास और उन्नत तकनीकी समाधान के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलेगा। यह कार्यक्रम संयुक्त परियोजनाओं, तकनीक हस्तांतरण और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ दोनों देशों के रक्षा इकोसिस्टम को भी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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