मेघालय हनीमून मर्डर केस: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी से कहा- सरेंडर करो, नहीं तो जमानत पर होगा फैसला
देशभर में चर्चित मेघालय हनीमून मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सख्त संदेश दिया है। अदालत ने कहा कि वह मुख्य गवाहों के बयान दर्ज होने तक आत्मसमर्पण करें, अन्यथा अदालत उनकी जमानत को मेरिट के आधार पर रद्द करने पर विचार करेगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गिरफ्तारी दस्तावेजों में हुई कथित लिपिकीय त्रुटि के आधार पर मिली जमानत पर भी गंभीर सवाल उठाए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए दो स्पष्ट विकल्प
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सोनम के वकील से कहा कि या तो आरोपी मुख्य अभियोजन गवाहों के बयान पूरे होने तक आत्मसमर्पण करे या फिर अदालत जमानत को मेरिट के आधार पर रद्द करने पर फैसला सुनाएगी। कोर्ट ने इस संबंध में पक्ष को अपना निर्णय बताने के लिए 23 जुलाई तक का समय दिया है।
जमानत के आधार पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उस आधार पर भी सवाल उठाए, जिसके आधार पर निचली अदालत ने सोनम रघुवंशी को जमानत दी थी। निचली अदालत ने गिरफ्तारी दस्तावेजों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या संबंधी धारा 103(1) के स्थान पर कथित रूप से 403(1) दर्ज होने को गंभीर प्रक्रियात्मक त्रुटि माना था। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि केवल ऐसी लिपिकीय गलती गंभीर आपराधिक मामले में जमानत का पर्याप्त आधार है या नहीं, इस पर विचार आवश्यक है।
मेघालय सरकार ने रखी अपनी दलील
मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की पूरी जानकारी थी और धारा का गलत उल्लेख महज एक टाइपोग्राफिकल (लिपिकीय) त्रुटि थी। उन्होंने दलील दी कि इस तकनीकी गलती को आधार बनाकर जमानत देना उचित नहीं था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस तर्क पर गंभीरता से विचार करने की बात कही।
क्या है मेघालय हनीमून मर्डर केस?
यह मामला मई 2025 का है, जब इंदौर के नवविवाहित दंपती राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी हनीमून मनाने मेघालय गए थे। कुछ दिनों बाद दोनों लापता हो गए। बाद में राजा रघुवंशी का शव वेई सावडोंग झरने के पास एक गहरी खाई से बरामद हुआ, जबकि सोनम को बाद में उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास से ट्रेस किया गया। जांच के दौरान मेघालय पुलिस ने दावा किया कि यह सुनियोजित हत्या थी और सोनम रघुवंशी तथा राज कुशवाहा सहित अन्य आरोपियों को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
गवाहों की गवाही के बाद जमानत पर फिर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि सोनम रघुवंशी आत्मसमर्पण करती हैं, तो ट्रायल कोर्ट को मुख्य गवाहों की गवाही शीघ्र पूरी कराने का निर्देश दिया जा सकता है। इसके बाद उनकी जमानत पर दोबारा विचार किया जाएगा। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई और सोनम के फैसले पर सभी की नजर बनी हुई है।