सोनम वांगचुक ने अस्पताल से मांगी छुट्टी, बोले- ‘संसद चलो’ मार्च में होना चाहता हूं शामिल
शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और परीक्षा सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देने की अपील की है। उनका कहना है कि उनकी तबीयत अब सामान्य है और वह ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल होकर आंदोलन का हिस्सा बनना चाहते हैं। इससे पहले दिल्ली पुलिस उन्हें प्रदर्शन स्थल से अस्पताल लेकर गई थी, जहां उनका इलाज चल रहा है।
अस्पताल प्रशासन से डिस्चार्ज की अपील
सोमवार को सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल प्रशासन से आग्रह किया कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जाए। उन्होंने कहा कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति पहले से बेहतर है और वह स्वयं को मार्च में शामिल होने के लिए सक्षम महसूस कर रहे हैं। वांगचुक का कहना है कि वह शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में अपनी भागीदारी जारी रखना चाहते हैं।
‘संसद चलो’ मार्च में शामिल होने की जताई इच्छा
सोनम वांगचुक ने कहा कि उनका उद्देश्य ‘संसद चलो’ मार्च में शांतिपूर्ण ढंग से शामिल होना है। आंदोलनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को संसद तक पहुंचाने की बात कह रहे हैं। वांगचुक का मानना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रखना नागरिकों का अधिकार है।
शनिवार को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया था
शनिवार को प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद से उनका इलाज और स्वास्थ्य परीक्षण जारी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से समय-समय पर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी की जा रही है। फिलहाल उन्हें छुट्टी देने को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है।
शिक्षा सुधार को लेकर जारी है आंदोलन
CJP से जुड़े प्रदर्शनकारी लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं पर रोक और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग उठा रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। इसी क्रम में ‘संसद चलो’ मार्च का आयोजन किया जा रहा है, ताकि इन मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके।
अस्पताल के फैसले पर रहेगी नजर
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल टीम सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने के बाद उन्हें छुट्टी देती है या नहीं। यदि चिकित्सक उन्हें यात्रा और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए फिट मानते हैं, तो उनके ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल होने की संभावना बन सकती है। दूसरी ओर, यदि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बने रहते हैं, तो अस्पताल प्रशासन चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आगे का निर्णय ले सकता है।