कोटा साइबर थाने में मिला ‘करोड़ों का सांप’, बक्से के पीछे छिपा था दुर्लभ कॉमन सेंड बोआ
राजस्थान के कोटा में साइबर पुलिस स्टेशन में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कमरे में रखे बक्से के पीछे एक दुर्लभ सांप छिपा मिला। पुलिसकर्मियों ने जैसे ही सांप को देखा, तुरंत स्नेक कैचर को बुलाया गया। रेस्क्यू के बाद पता चला कि यह जहरीला नहीं बल्कि संरक्षित प्रजाति का कॉमन सेंड बोआ सांप है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘दुमुंहा सांप’ भी कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं, जिसके कारण इसकी तस्करी के मामले भी सामने आते रहे हैं।
पुलिस थाने में सांप मिलने से मचा हड़कंप
कोटा के सीएडी सर्कल के पास स्थित साइबर पुलिस स्टेशन में मंगलवार को अचानक माहौल बदल गया। पुलिसकर्मी एक कमरे में रखे सामान की ओर गए तो बक्से के पीछे हलचल दिखाई दी। ध्यान से देखने पर वहां एक सांप बैठा नजर आया। सांप का मुंह थोड़ा बाहर आते ही कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया। इसके बाद तुरंत स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को सूचना दी गई, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर सुरक्षित तरीके से सांप का रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद सामने आई सांप की पहचान
स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि रेस्क्यू किया गया सांप करीब ढाई फीट लंबा कॉमन सेंड बोआ है। इसे आम बोलचाल में दुमुंहा सांप कहा जाता है, हालांकि इसके वास्तव में दो मुंह नहीं होते हैं। इसकी पूंछ और सिर का आकार काफी समान दिखाई देता है, जिसके कारण लोग इसे दो मुंह वाला सांप समझ लेते हैं। रेस्क्यू के बाद वन विभाग को इसकी सूचना दी गई और जांच के बाद इसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
जहरीला नहीं होता, लेकिन दिखने में बेहद खास
कॉमन सेंड बोआ सांप जहरीला नहीं होता है और इंसानों के लिए भी आमतौर पर खतरा नहीं माना जाता। यह जमीन के अंदर रेत या मिट्टी में बिल बनाकर रहता है और ज्यादातर रात के समय शिकार करता है। इसका भोजन छोटे जीव जैसे चूहे, छिपकली और छोटे पक्षी होते हैं। इसकी शारीरिक बनावट अन्य सांपों से अलग होती है, जिसके कारण यह लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय रहता है।
एक करोड़ कीमत के दावे क्यों जुड़े हैं इस सांप से?
कॉमन सेंड बोआ को लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ों रुपये तक होने के दावे किए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अंधविश्वास, कथित औषधीय उपयोग और तांत्रिक मान्यताओं के कारण इसकी अवैध मांग बढ़ती है। हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञ इन दावों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। इसी वजह से इस प्रजाति की तस्करी रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत है संरक्षित
कॉमन सेंड बोआ भारत में संरक्षित वन्यजीव प्रजातियों में शामिल है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत इसके व्यापार और खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध है। अवैध रूप से पकड़ने या बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह सांप भारत के अलावा पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान जैसे देशों में भी पाया जाता है। भारत में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है।
वन विभाग की निगरानी में जंगल में छोड़ा गया
साइबर थाने में मिले इस दुर्लभ सांप को रेस्क्यू करने के बाद वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सांप को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर लोगों को वन्यजीव संरक्षण और दुर्लभ प्रजातियों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया है।