#देश दुनिया

सिंधु जल संधि पर फिर बढ़ा तनाव, पाकिस्तान ने भारत को दी चेतावनी

सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत की जल परियोजनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच से चेतावनी दी है कि यदि जल प्रवाह प्रभावित हुआ तो इसे संघर्ष की शुरुआत माना जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की आपत्ति

ब्रसेल्स में आयोजित सीमा-पार जल प्रबंधन से जुड़े एक सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए इशाक डार ने भारत पर सिंधु नदी प्रणाली से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा बनाए जा रहे जल ढांचे और नदी प्रवाह में बदलाव की आशंका क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बन सकती है।

भारत की परियोजनाओं पर गंभीर आरोप

इशाक डार ने दावा किया कि भारत सिंधु, चिनाब और अन्य सहायक नदियों पर कई जलाशय और डायवर्जन परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनकी संख्या दर्जनों में हो सकती है। उनके अनुसार, इन परियोजनाओं से नदी प्रणाली में बड़ा बदलाव संभव है, जिससे पाकिस्तान के जल संसाधनों पर असर पड़ सकता है।

जल अधिकार और “हाइड्रो हेजेमनी” का मुद्दा

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि भारत की नीतियां जल संसाधनों पर नियंत्रण बढ़ाने की दिशा में जाती हैं, जिसे उन्होंने “हाइड्रो हेजेमनी” यानी जल प्रभुत्व की स्थिति बताया। उन्होंने कहा कि पानी जैसे साझा संसाधन को दबाव या रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

पाकिस्तान का रुख और अंतरराष्ट्रीय अपील

डार ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा से विवादों के समाधान के लिए कानूनी और संधि आधारित ढांचे का समर्थन करता रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि सीमा-पार जल संसाधनों के प्रबंधन को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।

भारत-पाक संबंधों में बढ़ता जल विवाद

1960 की सिंधु जल संधि दोनों देशों के बीच जल बंटवारे का आधार रही है, लेकिन हाल के वर्षों में इस पर विवाद बढ़ा है। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी के चलते जल कूटनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *