डीग एसपी का बड़ा एक्शन, अवैध खनन में मिलीभगत के आरोप पर ASI सहित 4 पुलिसकर्मी निलंबित
अवैध खनन पर पुलिस विभाग की सख्त कार्रवाई
भरतपुर जिले के डीग में अवैध खनन और खनन सामग्री के परिवहन को लेकर पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। डीग जिला पुलिस अधीक्षक काबले शरण गोपीनाथ ने कामां थाना क्षेत्र में तैनात एक एएसआई सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिसकर्मियों पर अवैध खनन परिवहन में मिलीभगत के आरोप लगे हैं। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और साफ किया है कि अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
ASI समेत चार पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में कामां थाने के एएसआई पूरन सिंह, कांस्टेबल प्रशांत, कांस्टेबल चंद्रशेखर और कांस्टेबल विक्रम सिंह शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक स्तर पर मिली शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। विभाग की ओर से अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि पुलिसकर्मियों की भूमिका किस स्तर तक थी और क्या अवैध खनन गतिविधियों को किसी प्रकार का संरक्षण दिया जा रहा था।
शिकायत मिलने के बाद तत्काल लिया फैसला
कामां एएसपी दिनेश यादव ने बताया कि बीती रात क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों के संबंध में अवैध खनन परिवहन की शिकायत मिली थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एएसआई सहित चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। पुलिस विभाग का कहना है कि अवैध खनन रोकना प्राथमिकता है और इस तरह की गतिविधियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसपी बोले- दोषियों को नहीं मिलेगा संरक्षण
डीग एसपी काबले शरण गोपीनाथ ने कहा कि पुलिस विभाग भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन को बढ़ावा देने या उसमें किसी भी तरह की भागीदारी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के जरिए अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।