ODI सीरीज हार के बाद शुभमन गिल की फिटनेस पर चिंता, बोले- ‘वर्ल्ड कप में 11 मैच कैसे खेलेंगे?’
इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में 2-1 की हार के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टीम की सबसे बड़ी चुनौती खिलाड़ियों की लगातार चोटिल होने की समस्या को बताया। उन्होंने कहा कि बार-बार खिलाड़ियों के बाहर होने से टीम संयोजन प्रभावित हो रहा है और यदि यही स्थिति रही तो विश्व कप जैसे लंबे टूर्नामेंट में लगातार 11 मुकाबले खेलना मुश्किल हो सकता है।
फिटनेस को लेकर कप्तान ने जताई चिंता
लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने कहा कि टीम का लक्ष्य आगामी वनडे विश्व कप है, लेकिन खिलाड़ियों की लगातार चोटें चिंता का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ी दो या तीन मैचों की सीरीज भी पूरी नहीं खेल पा रहे हैं। ऐसे में बार-बार टीम संयोजन बदलना पड़ता है, जिसका असर प्रदर्शन पर पड़ता है। गिल ने जोर देकर कहा कि पूरी टीम को अपनी फिटनेस के स्तर में सुधार करना होगा।
लगातार बदल रहा है टीम कॉम्बिनेशन
भारतीय टीम को पिछले कुछ महीनों में कई प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों का सामना करना पड़ा है। इससे चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को हर सीरीज में नए संयोजन के साथ उतरना पड़ा। कप्तान गिल का मानना है कि लगातार बदलाव से खिलाड़ियों के बीच तालमेल बनाने में मुश्किल होती है। उन्होंने कहा कि यदि टीम को बड़े टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है तो खिलाड़ियों का लंबे समय तक उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है।
कई अहम खिलाड़ी रहे चोट से प्रभावित
हालिया दौर में भारतीय टीम के कई प्रमुख खिलाड़ी चोटों से जूझते रहे हैं। ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या लंबे समय से नियमित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाए हैं। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी अलग-अलग समय पर चोट के कारण टीम से बाहर रहे। इन परिस्थितियों ने टीम प्रबंधन के सामने लगातार नई चुनौतियां खड़ी की हैं और बेंच स्ट्रेंथ की भी लगातार परीक्षा ली है।
विश्व कप से पहले फिटनेस होगी सबसे बड़ी परीक्षा
आगामी वनडे विश्व कप को देखते हुए भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे अहम मुद्दों में से एक मानी जा रही है। यदि प्रमुख खिलाड़ी पूरी तरह फिट रहते हैं तो टीम को स्थिर संयोजन के साथ मैदान में उतरने का मौका मिलेगा। विशेषज्ञों का भी मानना है कि बड़े टूर्नामेंट में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ-साथ खिलाड़ियों का शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट रहना बेहद जरूरी है। ऐसे में टीम प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ की भूमिका आने वाले महीनों में काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।