सरधना लूटकांड: हरिद्वार से गिरफ्तार हुई फरार आरोपी ज्योति चौधरी, सोशल मीडिया गतिविधियों से मिला सुराग
मेरठ के सरधना क्षेत्र में हुए लूटकांड के मामले में फरार चल रही आरोपी ज्योति चौधरी को पुलिस ने हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाया गया। मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अब पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
पेटीएम टीम लीडर से लूट के मामले में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार 12 जून की रात पेटीएम कंपनी में बड़ौत जोन के टीम लीडर आकाश शर्मा अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। सरधना क्षेत्र के पाली पुल के पास दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने उन्हें रोककर कथित रूप से मारपीट की और उनकी बाइक व मोबाइल फोन लूट लिया। पीड़ित की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले की जांच के दौरान एक महिला की संलिप्तता की बात सामने आई। इसी क्रम में पुलिस की जांच ज्योति चौधरी तक पहुंची।
सोशल मीडिया गतिविधियों से मिला सुराग
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद ज्योति चौधरी फरार थी। जांच के दौरान उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस के अनुसार आरोपी ने हरिद्वार प्रवास के दौरान इंस्टाग्राम पर लगातार रील्स और अन्य पोस्ट साझा किए। तकनीकी निगरानी और सर्विलांस टीम की मदद से इन गतिविधियों का विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर उसकी लोकेशन का पता चला। इसके बाद पुलिस ने हरिद्वार में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी आपराधिक मामलों में नाम आने का दावा
पुलिस जांच में दावा किया गया है कि ज्योति चौधरी पहले भी लूट और चोरी जैसे मामलों में संदिग्ध या आरोपी के रूप में सामने आ चुकी है। अधिकारियों के अनुसार वह पहले रागिनी कार्यक्रमों में प्रस्तुति देती थी और बाद में कथित रूप से आपराधिक गतिविधियों से जुड़ गई। हालांकि इन मामलों में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार, जांच जारी
सरधना लूटकांड में पुलिस पहले ही तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज चुकी है। ज्योति चौधरी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।