नियुक्ति पत्र के बाद भी ज्वाइनिंग नहीं, सफाई कर्मचारियों ने लगाया जाम
अलवर। नगर निगम में नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद ज्वाइनिंग नहीं होने से सफाई कर्मचारियों का आक्रोश बुधवार को सड़क पर उतर आया। नाराज कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर जाम लगाकर प्रदर्शन किया और जल्द ज्वाइनिंग कराने की मांग की। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया अधर में होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
2012 की भर्ती के बाद भी अटकी नियुक्ति
सफाई कर्मचारियों के अनुसार वर्ष 2012 में 329 पदों पर भर्ती हुई थी। इसके बावजूद सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र और ज्वाइनिंग का लाभ नहीं मिल सका है। कर्मचारियों का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया में लगातार देरी की जा रही है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ रही है।
मंत्री के हस्तक्षेप के बाद पांच को मिले नियुक्ति पत्र
कर्मचारियों ने बताया कि 12 अगस्त को धरने के दौरान वन मंत्री संजय शर्मा भी उनके बीच पहुंचे थे। उस दौरान पांच अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिलाए गए थे। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद जल्द ही ज्वाइनिंग भी करा दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
नियुक्ति पत्र लेकर भी निगम के चक्कर
कर्मचारियों का कहना है कि नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद उन्हें ज्वाइनिंग की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। उनका आरोप है कि वे लगातार नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी से नाराज होकर बुधवार को कर्मचारियों ने निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन का फैसला किया।
सड़क पर जाम से यातायात प्रभावित
बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी नगर निगम कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द ज्वाइनिंग कराने की मांग की। जाम के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर काफी देर तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा।
कर्मचारियों की मांग- जल्द पूरी हो प्रक्रिया
सफाई कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद अब ज्वाइनिंग का इंतजार है। कर्मचारियों की मांग है कि नगर निगम प्रशासन बिना किसी और देरी के नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करे और पात्र अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग दी जाए। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, उनका विरोध जारी रह सकता है।