पचपदरा रिफाइनरी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण नहीं दिखाने पर दो पंचायत कार्मिक निलंबित
राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन कार्यक्रम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का ग्राम पंचायत स्तर पर लाइव प्रसारण नहीं कराने के मामले में बूंदी जिले के नैनवा ब्लॉक की बाछोला ग्राम पंचायत के दो सरकारी कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने इसे सरकारी आदेशों की अवहेलना और राजकीय कार्य में लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई की है।
बाछोला ग्राम पंचायत में नहीं हुई लाइव प्रसारण की व्यवस्था
मामला बूंदी जिले की नैनवा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली बाछोला ग्राम पंचायत का है। राज्य सरकार की ओर से निर्देश जारी किए गए थे कि पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन समारोह और प्रधानमंत्री के संबोधन का ग्राम पंचायत स्तर पर लाइव प्रसारण कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए। आरोप है कि संबंधित पंचायत में इस संबंध में कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिससे स्थानीय ग्रामीण सामूहिक रूप से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण नहीं देख सके। इसके बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की।
कार्यवाहक ग्राम विकास अधिकारी पर निलंबन की कार्रवाई
नैनवा के विकास अधिकारी (बीडीओ) नरेंद्र सिंह झाला द्वारा जारी आदेश के अनुसार बाछोला ग्राम पंचायत के कार्यवाहक ग्राम विकास अधिकारी नरेश कुमार वर्मा को राजकीय दायित्वों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर लाइव टेलीकास्ट सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नैनवा पंचायत समिति निर्धारित किया गया है।
अनुपस्थित मिलने पर कनिष्ठ सहायक भी निलंबित
इसी मामले में ग्राम पंचायत के कनिष्ठ सहायक महेंद्र खींची के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। प्रशासन के अनुसार निर्धारित ड्यूटी के दौरान वे बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। अधिकारियों ने इसे सरकारी कार्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता माना। निलंबन आदेश जारी करते हुए उन्हें भी नैनवा पंचायत समिति मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी निर्देशों के पालन में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने सरकारी निर्देशों के पालन पर दिया जोर
प्रशासन का कहना है कि राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। इस मामले में की गई कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी यदि सरकारी आदेशों की अवहेलना या राजकीय कार्य में लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।