आरयूआईडीपी संवाद: अलवर में 31.70 करोड़ के विकास कार्यों पर मंथन, जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव
अलवर, 05 अगस्त। जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण के तहत अलवर शहर में प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर ‘आरयूआईडीपी संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों, विभागीय अधिकारियों और स्टेकहोल्डर्स ने भाग लेकर अपने सुझाव और फीडबैक साझा किए।
जिला कलेक्टर ने बताया कि अलवर शहर के सतत और स्मार्ट विकास के लिए 31.70 करोड़ रुपये की लागत से अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं शोधित जल के पुनः उपयोग से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य शहर को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्थायी आधार प्रदान करना है, ताकि ‘विकसित भारत-विकसित राजस्थान 2047’ के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि संवाद में प्राप्त सुझावों को शामिल कर एक प्रभावी कार्य योजना तैयार की जाएगी और उसे धरातल पर लागू किया जाएगा। साथ ही, अलवर को ‘वाटर प्लस’ जिला बनाने के लिए भूजल दोहन को कम करते हुए एसटीपी के ट्रिटेड पानी का उपयोग उद्योग, बागवानी, पार्कों और सफाई कार्यों में किया जाएगा।
आरयूआईडीपी के अधिशासी अभियंता अनिल जाटव ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों और उनके आसपास के नगरों का संतुलित विकास करना है, जिससे अनियोजित विस्तार को नियंत्रित कर बेहतर और पर्यावरण अनुकूल सुविधाएं विकसित की जा सकें। इसके तहत एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से अपशिष्ट जल प्रबंधन और पुनः उपयोग के कार्य किए जाएंगे।
सुझावों पर हुआ मंथन
संवाद कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और स्टेकहोल्डर्स ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें सीवरेज लाइन से वंचित कॉलोनियों में लाइन बिछाने, खुदी हुई सड़कों की मरम्मत, बेलाका क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान, ट्रिटेड पानी को पाइपलाइन के माध्यम से उद्योगों तक पहुंचाने, पार्कों में इसके उपयोग और वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के निर्माण जैसे मुद्दे शामिल रहे।
इसे भी पढ़ें – प्रज्ञानानंदा का कमाल: सेंट लुइस शतरंज में रैपिड वर्ग में बने नंबर-1