‘बेड पर लेटे रहने से सपने पूरे नहीं होते’, गोल्डन गर्ल अरुंधति चौधरी का युवाओं को संदेश
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर देश और राजस्थान का गौरव बढ़ाने वाली मुक्केबाज अरुंधति चौधरी जयपुर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान अरुंधति ने अपनी जीत का अनुभव साझा करते हुए युवाओं को मेहनत और संघर्ष का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल सपने देखने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत और पूरी क्षमता के साथ प्रयास करना जरूरी है।
जयपुर एयरपोर्ट पर हुआ गोल्डन गर्ल का स्वागत
राजस्थान की बेटी और कोटा निवासी मुक्केबाज अरुंधति चौधरी के जयपुर पहुंचने पर खेल प्रेमियों और समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ लोगों ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी का अभिनंदन किया। अरुंधति ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 70 किलोग्राम महिला मुक्केबाजी वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया था। उनकी इस उपलब्धि पर राजस्थान सहित पूरे देश में खुशी का माहौल है।
बुखार के बावजूद रिंग में उतरीं अरुंधति
अरुंधति चौधरी ने बताया कि फाइनल मुकाबले से पहले उनकी तबीयत खराब थी और उन्हें तेज बुखार था। शरीर में कमजोरी होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबले में उतरीं। उन्होंने कहा कि उस समय उनके सामने सिर्फ देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य था। बीमारी और परेशानी को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने अपना पूरा ध्यान खेल पर केंद्रित किया और शानदार प्रदर्शन कर भारत को गोल्ड दिलाया।
‘चार साल इंतजार करने से बेहतर था पूरा दम लगाना’
अरुंधति ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट का मौका चार साल में एक बार मिलता है। ऐसे में किसी भी खिलाड़ी के लिए यह अवसर बेहद खास होता है। उन्होंने बताया कि फाइनल से पहले उन्होंने खुद से यही कहा कि मुकाबला चाहे जितना कठिन हो, लेकिन उन्हें अपना 100 प्रतिशत देना है। उन्होंने कहा कि अगर उस समय उन्होंने पूरी मेहनत नहीं की होती तो अगले मौके के लिए चार साल इंतजार करना पड़ता।
इंग्लैंड की खिलाड़ी को हराकर जीता गोल्ड
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल मुकाबले में अरुंधति चौधरी का सामना इंग्लैंड की मुक्केबाज चैंटेल रीड से हुआ था। मुकाबले की शुरुआत से ही अरुंधति ने आक्रामक रणनीति अपनाई और अपनी मजबूत तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की और भारत के खाते में स्वर्ण पदक जोड़ा। उनकी इस जीत ने राजस्थान की खेल प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दी है।
युवाओं से कहा- मेहनत के बिना सपने नहीं होते पूरे
अरुंधति चौधरी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सिर्फ सपने देखने से सफलता हासिल नहीं होती। उन्होंने कहा कि “बेड पर लेटे रहने से सपने पूरे नहीं होते, उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है और अपने लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास करना पड़ता है।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने सपनों को लेकर गंभीर रहें और उन्हें हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करें।
बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
अरुंधति ने अपनी सफलता को देश और राजस्थान की जनता को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि अक्सर बेटियों को कुछ खेलों से दूर माना जाता है, लेकिन मेहनत और लगन के दम पर लड़कियां हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी जीत देश की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
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