OLX पर कार बेचने का झांसा देकर लूट: 9 साल बाद अदालत का बड़ा फैसला, पांच आरोपियों को 10-10 साल की सजा
ऑनलाइन खरीद-बिक्री प्लेटफॉर्म OLX के जरिए कार बेचने का लालच देकर लूटपाट करने के चर्चित मामले में करीब नौ साल बाद न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अलवर की एडीजे कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से पीड़ितों को जाल में फंसाकर हथियारों के बल पर लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
OLX पर विज्ञापन डालकर रची गई साजिश
मामला वर्ष 2017 का है, जब आरोपियों ने OLX पर एक स्विफ्ट डिजायर कार बेचने का विज्ञापन पोस्ट किया। विज्ञापन देखकर बाड़मेर जिले के गुढ़ा मालानी निवासी शांतिलाल ने संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत इंजीनियर बताते हुए वाहन दिखाने के बहाने अलवर के मालाखेड़ा क्षेत्र में बुलाया। भरोसा जीतने के लिए बातचीत पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई, जिससे पीड़ितों को किसी तरह का संदेह न हो। इसी बहाने उन्हें एक ऐसे स्थान पर ले जाया गया जहां पहले से पूरी साजिश तैयार थी।
कार दिखाने के बहाने जंगल में ले जाकर बनाया बंधक
13 अगस्त 2017 को शांतिलाल अपने साथी देवीलाल के साथ अलवर पहुंचे। वहां एक युवक बाइक पर उन्हें लेने आया और कार दिखाने का बहाना बनाकर केरवाड़ा क्षेत्र के सुनसान जंगल में ले गया। जंगल में पहले से मौजूद अन्य आरोपियों ने दोनों को घेर लिया। इसके बाद देसी कट्टा और चाकू की नोक पर उन्हें बंधक बना लिया गया। अचानक हुई इस वारदात से दोनों घबरा गए और आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर उनके पास मौजूद नकदी, कीमती सामान और दस्तावेज छीन लिए।
लाखों की नकदी और कीमती सामान लूटकर हुए फरार
लुटेरों ने शांतिलाल से करीब दो लाख रुपये नकद, चेक, सोने की चेन, घड़ी, मोबाइल फोन और पर्स में रखी नकदी लूट ली। वहीं देवीलाल से भी मोबाइल, पर्स और हजारों रुपये छीन लिए गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने दोनों पीड़ितों को बाजरे के खेत में छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। किसी तरह दोनों पीड़ित मुख्य सड़क तक पहुंचे और स्थानीय लोगों की सहायता से पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।
साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाया दोषसिद्धि का फैसला
पुलिस जांच के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और लूटा गया सामान भी बरामद किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने 18 गवाहों के बयान और 45 दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया। सभी तथ्यों और प्रमाणों पर विचार करने के बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने जैकम, सारूप, कल्लू खां, शाहिद और फकरू खां को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त एक वर्ष की सजा भुगतनी होगी।