NEET विवाद पर सपा का केंद्र पर निशाना, रामगोपाल यादव ने पीएम मोदी के आश्वासन पर उठाए सवाल
NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता एवं सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया आश्वासन पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि यदि सरकार अब सख्त कानून की बात कर रही है, तो क्या पहले से पर्याप्त कानूनी व्यवस्था मौजूद नहीं थी। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर भी पार्टी का रुख स्पष्ट किया।
‘सिर्फ आश्वासन नहीं, जवाबदेही भी जरूरी’
रामगोपाल यादव ने कहा कि परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर सरकार की प्रतिक्रिया देर से आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अब नए कानून और सख्त कार्रवाई की बात की जा रही है, तो पहले ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं थी। उनका कहना था कि केवल भविष्य के आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जवाबदेही तय होना भी जरूरी है।
आमरण अनशन पर सपा का रुख स्पष्ट
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के सवाल पर रामगोपाल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी वैचारिक रूप से आमरण अनशन का समर्थन नहीं करती। उन्होंने बताया कि पार्टी के वैचारिक प्रेरणास्रोत डॉ. राम मनोहर लोहिया भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के पक्षधर नहीं थे। उनके अनुसार, यदि विरोध दर्ज कराना हो तो क्रमिक (रोटेशन आधारित) भूख हड़ताल अधिक उपयुक्त तरीका है।
डॉ. लोहिया के विचारों का किया उल्लेख
रामगोपाल यादव ने कहा कि डॉ. लोहिया का मानना था कि आमरण अनशन बेहद गंभीर कदम है और इसे तभी अपनाया जाना चाहिए जब व्यक्ति उसके हर परिणाम के लिए तैयार हो। उन्होंने कहा कि इसी वैचारिक आधार पर समाजवादी पार्टी हमेशा चरणबद्ध विरोध के पक्ष में रही है और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का समर्थन नहीं करती।
NEET विवाद पर जारी है सियासी घमासान
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहा है, जबकि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कह रही है। इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।