उदयपुर में हाईवे किनारे अवैध कब्जों पर बड़ा अभियान, 7 तहसीलों में 1254 अतिक्रमण चिन्हित
उदयपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ प्रशासन ने व्यापक कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली है। सात तहसीलों में 1254 अवैध कब्जों की पहचान की गई है। इनमें से 598 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, जबकि शेष पर 15 अगस्त से पहले चरणबद्ध अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है।
सात तहसीलों में बड़े स्तर पर चला सर्वे
एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त कार्रवाई के तहत उदयपुर जिले की सात तहसीलों में विस्तृत सर्वे किया गया। सर्वे के दौरान कुल 1254 अवैध अतिक्रमण चिन्हित हुए। इनमें से 598 निर्माण हटाए जा चुके हैं, जबकि 658 स्थानों पर कार्रवाई शेष है। अधिकांश अतिक्रमण राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों ओर निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में पाए गए। प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों ने नोटिस मिलने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया है, उनके खिलाफ नियमानुसार बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी।
होटल, ढाबे और व्यावसायिक निर्माण सबसे अधिक
जांच में सामने आया कि हाईवे किनारे सबसे अधिक अवैध कब्जे होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के हैं। इसके अलावा कुछ स्थानों पर आवासीय और धार्मिक निर्माण भी चिन्हित किए गए हैं। बड़गांव तहसील के गोमती चौराहा-उदयपुर मार्ग पर सबसे अधिक 160 अतिक्रमण दर्ज हुए, जिनमें बड़ी संख्या होटल और ढाबों की है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे निर्माण सड़क सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करते हैं और भविष्य में हाईवे विस्तार की योजनाओं में भी बाधा बन सकते हैं।
अलग-अलग तहसीलों में जारी है चरणबद्ध कार्रवाई
गोगुंदा, कोटड़ा, ऋषभदेव, खेरवाड़ा, गिरवा, भिंडर और वल्लभनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में चल रही है। कई स्थानों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष स्थानों पर नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नोटिस अवधि पूरी होने के बाद बिना किसी भेदभाव के शेष अवैध निर्माण भी हटाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत संचालित किया जा रहा है।
15 अगस्त से पहले तेज होगा अभियान
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि स्वतंत्रता दिवस से पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और तेज की जाएगी। रोड सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक के बाद अभियान का विस्तृत कार्यक्रम तय किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सड़क किनारे अवैध निर्माण हटने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा और सरकारी भूमि का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा। प्रशासन ने प्रभावित लोगों से स्वयं अतिक्रमण हटाने की अपील भी की है, ताकि कठोर कार्रवाई की आवश्यकता न पड़े।
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