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राजस्थान रिफाइनरी अपडेट 2026: अग्निकांड के बाद फिर शुरू हुआ उत्पादन, जल्द मिलेगी पेट्रोल-डीजल सप्लाई

बालोतरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी (HRRL) से बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अप्रैल में हुए अग्निकांड के बाद प्रभावित हुई रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) को दोबारा सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है। इसके साथ ही बीएस-6 डीजल, पेट्रोल, एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन फिर से शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में राज्य और आसपास के क्षेत्रों में ईंधन सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है।

उत्पादन फिर से हुआ बहाल

रिफाइनरी के री-स्टार्ट के साथ ही अब बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन शुरू हो चुका है। इनमें भारत स्टेज VI (BS-VI) मानक वाला हाई-स्पीड डीजल, एलपीजी (रसोई गैस), पेट्रोलियम कोक (Petcoke) और नेफ्था (Naphtha) शामिल हैं।

एचपीसीएल के अनुसार, एलपीजी और पेटकोक का कमर्शियल उत्पादन और बिक्री तुरंत प्रभाव से शुरू कर दी गई है। इससे राजस्थान सहित आसपास के राज्यों में रसोई गैस और औद्योगिक ईंधन की आपूर्ति को मजबूती मिलेगी।

डीजल और पेट्रोल सप्लाई की टाइमलाइन

कंपनी की जानकारी के अनुसार BS-VI डीजल की पहली खेप इसी सप्ताह के अंत तक डिपो और बाजारों के लिए भेजी जाएगी। वहीं पेट्रोल के उत्पादन और डिस्पैच की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।

अधिकारियों के अनुसार, आगामी सप्ताह से पेट्रोल की नियमित सप्लाई ट्रकों और टैंकरों के माध्यम से शुरू कर दी जाएगी। इससे राज्य में ईंधन की उपलब्धता और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होने की उम्मीद है।

अग्निकांड से रुका था पूरा प्रोजेक्ट

यह पूरा प्रोजेक्ट 20 अप्रैल 2026 को उस समय बड़े संकट में आ गया था, जब उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले हीट एक्सचेंजर स्टैक में आग लग गई थी।

प्रारंभिक जांच में हाइड्रोकार्बन रिसाव को इस दुर्घटना का कारण बताया गया था। हालांकि सुरक्षा सिस्टम सक्रिय होने से आग को बड़े नुकसान से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया था।

इस घटना के कारण रिफाइनरी का कमीशनिंग और उत्पादन कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, जिसे अब दो महीने बाद फिर से शुरू किया गया है।

भारत की 24वीं और आधुनिक रिफाइनरी

बालोतरा (पचपदरा) स्थित यह रिफाइनरी भारत की 24वीं रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है। इसे देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरियों में गिना जाता है।

  • इसका Nelson Complexity Index 17 है, जो इसे जटिल क्रूड प्रोसेसिंग क्षमता वाली रिफाइनरी बनाता है
  • इसमें पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 26% से अधिक है
  • यह रिफाइनरी भारी और अशुद्ध कच्चे तेल को भी उच्च गुणवत्ता वाले ईंधन में बदलने में सक्षम है

पेट्रोकेमिकल उत्पादन से बड़ा औद्योगिक असर

पूरी क्षमता से चालू होने पर यह रिफाइनरी केवल ईंधन उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीइथाइलीन, बेंजीन और ब्यूटाडीन जैसे महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल्स का भी उत्पादन होगा।

इससे भारत की आयात निर्भरता घटेगी और राज्य में कई नए उद्योगों जैसे पैकेजिंग, फार्मा, ट्रांसपोर्ट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर को बड़ा लाभ मिलेगा।

निवेश और आर्थिक महत्व

करीब 79,450 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार यह प्रोजेक्ट राजस्थान के औद्योगिक विकास में बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है।

इसमें HPCL की 74% हिस्सेदारी और राजस्थान सरकार की 26% हिस्सेदारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिफाइनरी आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार के अवसर पैदा करेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगी।

निष्कर्ष

अग्निकांड के बाद राजस्थान रिफाइनरी का दोबारा शुरू होना राज्य के लिए बड़ी औद्योगिक उपलब्धि माना जा रहा है। डीजल और पेट्रोल की सप्लाई जल्द शुरू होने से न केवल ईंधन आपूर्ति मजबूत होगी, बल्कि पूरे राज्य के औद्योगिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

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