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राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 की तारीखों का काउंटडाउन शुरू, शनिवार को आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने की ओर है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी देने के लिए शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। जयपुर स्थित शासन सचिवालय के विकास खंड में पंचायती राज सभागार में दोपहर 3 बजे यह प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। माना जा रहा है कि आयोग पंचायत चुनाव के कार्यक्रम, मतदान के चरण और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अहम जानकारी सामने रख सकता है। हालांकि अंतिम कार्यक्रम और तारीखों की पुष्टि आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।

शनिवार को सामने आ सकती है चुनावी तस्वीर

राज्य निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रदेशभर की नजर है। पंचायत चुनाव को लेकर पिछले कई महीनों से तैयारियां चल रही हैं। आरक्षण प्रक्रिया और पंचायत स्तर पर चुनावी तैयारियों के बाद अब चुनाव कार्यक्रम जारी होने का इंतजार है। हाल में जिलों में आरक्षण की लॉटरी की प्रक्रिया भी पूरी की गई है। इसके बाद संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है। अब आयोग की घोषणा के साथ चुनावी प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत का रास्ता साफ हो सकता है।

आचार संहिता लागू होने की संभावना

चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना है। हालांकि आचार संहिता कब से प्रभावी होगी, यह आयोग की आधिकारिक घोषणा से स्पष्ट होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर भी तैयारियां जारी रखी हैं। चुनाव की घोषणा के बाद सरकारी स्तर पर नई घोषणाओं और राजनीतिक गतिविधियों पर भी चुनावी नियम लागू होंगे।

चार चरणों में हो सकता है मतदान

राजस्थान में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। पहले सामने आए चुनावी रोडमैप में भी चार चरणों में मतदान का प्रस्ताव बताया गया था। हालांकि यह कार्यक्रम अंतिम नहीं माना जाना चाहिए। आयोग की शनिवार की घोषणा के बाद ही मतदान की वास्तविक तारीखें स्पष्ट होंगी। पहले के प्रस्तावित कार्यक्रम में अक्टूबर से नवंबर के बीच अलग-अलग चरणों में चुनाव कराने की बात सामने आई थी।

जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में EVM

पंचायती राज चुनाव में अलग-अलग पदों के लिए मतदान की प्रक्रिया अलग हो सकती है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल की तैयारी बताई गई है। वहीं ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच और सरपंच पद के लिए मतपत्र से मतदान कराया जाना है। चुनाव प्रक्रिया में जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर के अलग-अलग पद शामिल होंगे।

हजारों पदों पर होगा चुनाव

राजस्थान में होने वाले पंचायती राज चुनाव में बड़ी संख्या में पदों के लिए मतदान होगा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर 1 लाख 40 हजार से ज्यादा वार्ड सदस्यों और 14 हजार से अधिक सरपंचों का चुनाव होना है। इसके अलावा 1,403 जिला परिषद वार्ड सदस्यों और 8,245 पंचायत समिति वार्ड सदस्यों के चुनाव भी होंगे। जिला परिषद सदस्य आगे जिला प्रमुख और पंचायत समिति सदस्य प्रधान के चुनाव की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।

महिला आरक्षण से बदलेगा चुनावी समीकरण

पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। ऐसे में इस बार भी बड़ी संख्या में महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में नजर आएंगी। जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर पर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई पदों की तस्वीर साफ हो चुकी है। आरक्षण के कारण कई संभावित उम्मीदवारों को अपनी रणनीति और चुनावी क्षेत्र में बदलाव करना पड़ सकता है।

राजनीतिक दलों ने भी तेज की तैयारी

पंचायत चुनाव की घोषणा से पहले ही राजनीतिक दलों ने संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। बूथ और पंचायत स्तर पर बैठकों का दौर चल रहा है। संभावित प्रत्याशियों को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है। निकाय चुनाव के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। चुनाव कार्यक्रम सामने आते ही दावेदारों की सक्रियता और बढ़ने की संभावना है।

हाईकोर्ट की समयसीमा के बीच अहम पड़ाव

पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में भी लंबे समय से सुनवाई हुई है। जुलाई में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव कार्यक्रम को लेकर विस्तृत समयसीमा मांगी थी। उस दौरान पंचायत चुनाव की घोषणा सितंबर में किए जाने का रोडमैप भी अदालत के सामने रखा गया था। हालांकि बाद की प्रक्रिया में बदलाव हुआ और चुनाव कार्यक्रम अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ।

अब आयोग की घोषणा का इंतजार

शनिवार दोपहर 3 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पंचायत चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। मतदान कितने चरणों में होगा, नामांकन कब शुरू होंगे और मतदान की तारीखें क्या रहेंगी, इन सवालों के जवाब आयोग की घोषणा से मिलेंगे। इसके साथ ही आचार संहिता लागू होने की स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में संभावित उम्मीदवार और राजनीतिक दल चुनाव कार्यक्रम का इंतजार कर रहे हैं।

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Stv News Rajasthan

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