विश्वेंद्र सिंह के इस्तीफे पर डोटासरा का जवाब, आरोपों को बताया BJP का टूलकिट
राजस्थान कांग्रेस में विश्वेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच विवाद अब इस्तीफे तक पहुंच गया है। विश्वेंद्र सिंह ने 2 अक्टूबर को कांग्रेस से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। इससे पहले उन्होंने डोटासरा की कार्यशैली, टिकट वितरण और पार्टी संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने डोटासरा के इस्तीफे की मांग भी की थी।विश्वेंद्र सिंह के आरोपों पर डोटासरा ने 1 अक्टूबर को प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर पार्टी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचती। साथ ही उन्होंने विश्वेंद्र सिंह को कांग्रेस का वरिष्ठ और सम्मानित नेता बताया था। अब विश्वेंद्र सिंह के औपचारिक इस्तीफे के बाद दोनों नेताओं के बीच विवाद कांग्रेस की राज्य इकाई में खुलकर सामने आ गया है।
डोटासरा बोले- लिखित शिकायत आने पर होगी चर्चा
विश्वेंद्र सिंह के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए डोटासरा ने कहा था कि पार्टी सोशल मीडिया पर चल रही बातों के आधार पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं करती। उनका कहना था कि यदि किसी नेता को संगठन से जुड़ी शिकायत है तो वह पार्टी फोरम पर अपनी बात रख सकता है।डोटासरा ने विश्वेंद्र सिंह के साथ अपने पुराने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा था कि विश्वेंद्र सिंह उनके लिए बड़े भाई जैसे हैं और उनके साथ लंबे समय से व्यक्तिगत संबंध रहे हैं। डोटासरा के अनुसार, संगठनात्मक नियुक्तियों या टिकट वितरण को लेकर विश्वेंद्र सिंह ने उनसे पहले व्यक्तिगत रूप से कोई आपत्ति नहीं जताई थी।
टिकट वितरण को लेकर उठे सवाल
विश्वेंद्र सिंह ने हालिया शहरी निकाय चुनावों के बाद भरतपुर में टिकट वितरण को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया। इसके साथ ही उन्होंने डोटासरा के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की थी।विश्वेंद्र सिंह ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पुराने मामलों को लेकर भी आरोप लगाए। इनमें RAS और REET से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने इन मामलों की जांच की मांग भी उठाई। इन आरोपों पर डोटासरा ने इन्हें राजनीतिक आरोप बताते हुए खारिज किया है।
परिवार से जुड़े आरोपों पर डोटासरा का पलटवार
विश्वेंद्र सिंह की ओर से डोटासरा के परिवार और रिश्तेदारों से जुड़े चयन तथा भर्ती मामलों पर भी सवाल उठाए गए। डोटासरा ने इन आरोपों को भाजपा के कथित “टूलकिट” का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को लेकर लगाए जा रहे आरोप पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक रूप से उठाए जाते रहे हैं।वहीं, विश्वेंद्र सिंह ने इन मामलों की जांच की मांग की है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
विश्वेंद्र सिंह ने अब कांग्रेस छोड़ी
विवाद के बीच विश्वेंद्र सिंह ने 2 अक्टूबर को कांग्रेस से अपना इस्तीफा सार्वजनिक कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपने फैसले को पार्टी में जारी असहमति और अपने राजनीतिक सिद्धांतों से जोड़ा है। उनके इस्तीफे के बाद राजस्थान कांग्रेस में विवाद का एक नया चरण शुरू हो गया है।विश्वेंद्र सिंह के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, अभी तक उनकी ओर से भाजपा में शामिल होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए उनके अगले राजनीतिक फैसले को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
कांग्रेस के सामने संगठन को संभालने की चुनौती
विश्वेंद्र सिंह के इस्तीफे के बाद राजस्थान कांग्रेस के सामने संगठनात्मक स्तर पर इस विवाद को संभालने की चुनौती है। हालिया निकाय चुनावों के बाद पार्टी में टिकट वितरण और संगठन को लेकर सवाल उठे हैं। अब विश्वेंद्र सिंह के पार्टी से बाहर होने के बाद यह विवाद और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।आने वाले पंचायत चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए संगठनात्मक एकजुटता भी महत्वपूर्ण होगी। हालांकि इसका राजनीतिक प्रभाव क्या होगा, यह आने वाले घटनाक्रम और पार्टी की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।