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श्रीलंका में गोल्ड जीतकर अजमेर लौटीं गौरवी सिंह, राजस्थान की बेटी का हुआ भव्य सम्मान

राजस्थान के अजमेर की बेटी गौरवी सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रोल बॉल प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि में गौरवी सिंह की भी अहम भूमिका रही। देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने के बाद अजमेर पहुंचीं गौरवी सिंह का सम्मान किया गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने किशनगढ़ स्थित अपने आवास कार्यालय में गौरवी का अभिनंदन किया। इस दौरान उन्हें माला, शॉल और मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। मंत्री ने मिठाई खिलाकर उनकी उपलब्धि पर बधाई भी दी।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए जीता स्वर्ण

कोलंबो में आयोजित रोल बॉल प्रतियोगिता में भारत सहित चार देशों की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में भारत, श्रीलंका, मिस्र और फिलीपींस की टीमें मैदान में उतरीं। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन किया और फाइनल तक जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में भारत का सामना मेजबान श्रीलंका की टीम से हुआ। भारतीय टीम ने फाइनल में शानदार खेल दिखाते हुए श्रीलंका को 2-0 से हराया। इस जीत के साथ भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अजमेर की गौरवी सिंह भी इस विजेता टीम का हिस्सा रहीं।

अजमेर पहुंचने पर गौरवी का हुआ सम्मान

अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के बाद गौरवी सिंह ने केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी से मुलाकात की। वह मंत्री के किशनगढ़ स्थित आवास कार्यालय पहुंचीं। यहां मंत्री ने गौरवी का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें माला और शॉल पहनाया गया। इसके साथ ही मेडल पहनाकर उनकी उपलब्धि का सम्मान किया गया। मंत्री ने गौरवी को मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस मौके पर उनके परिजनों को भी शुभकामनाएं दी गईं। गौरवी की उपलब्धि को अजमेर और राजस्थान के लिए गौरव का विषय बताया गया।

मंत्री बोले- बेटियों की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा

भागीरथ चौधरी ने कहा कि गौरवी सिंह ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किया है। उन्होंने कहा कि गौरवी ने अजमेर के साथ पूरे राजस्थान और देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता यह दिखाती है कि राजस्थान की बेटियां खेल के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं। मंत्री ने गौरवी की उपलब्धि को दूसरे युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने गौरवी के परिवार को भी इस सफलता के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

नौ साल से रोल बॉल की तैयारी कर रहीं गौरवी

गौरवी सिंह के खेल सफर की बात करें तो वह करीब नौ वर्षों से रोल बॉल का अभ्यास कर रही हैं। लंबे समय से चल रही मेहनत का परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आया है। श्रीलंका में मिली जीत को गौरवी अपने खेल करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल कर रही हैं। लगातार अभ्यास और प्रतियोगिताओं में अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने भारतीय टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जगह बनाई। गोल्ड मेडल जीतने के बाद उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

अब एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप पर नजर

श्रीलंका में स्वर्ण पदक जीतने के बाद गौरवी सिंह का अगला लक्ष्य भी तय है। वह अब आगामी एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप के ट्रायल्स की तैयारी में जुट गई हैं। उनका प्रयास भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत करने का है। इसके लिए वह अभ्यास पर और अधिक ध्यान दे रही हैं। गौरवी को उम्मीद है कि आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उन्हें भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। उनका लक्ष्य लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के लिए नई उपलब्धियां हासिल करना है।

अजमेर की बेटी ने बढ़ाया बेटियों का हौसला

गौरवी सिंह की उपलब्धि सिर्फ एक स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर उन्होंने अजमेर के युवा खिलाड़ियों के सामने भी एक उदाहरण पेश किया है। खासतौर पर बेटियों के लिए उनकी सफलता खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संदेश देती है। परिवार और स्थानीय स्तर पर मिले प्रोत्साहन के साथ गौरवी ने करीब नौ साल तक लगातार अभ्यास किया। अब अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक उनकी मेहनत की पहचान बन चुका है।

छोटे शहर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की कहानी

अजमेर जैसे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना गौरवी सिंह के खेल सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। एक खिलाड़ी के लिए लंबे समय तक किसी खेल में बने रहना और लगातार अभ्यास करना आसान नहीं होता। गौरवी ने करीब नौ वर्षों तक रोल बॉल में मेहनत जारी रखी। इसी निरंतरता का नतीजा है कि वह भारतीय टीम का हिस्सा बनीं और कोलंबो में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के साथ खड़ी रहीं।

आगे नई चुनौतियों के लिए तैयार गौरवी

गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब गौरवी के सामने अगली प्रतियोगिताओं की चुनौती है। एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप के ट्रायल्स में भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें फिर से अपनी क्षमता साबित करनी होगी। गौरवी का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन को और बेहतर करना है। उनकी यह उपलब्धि अजमेर के खेल जगत के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाली है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले ट्रायल्स में गौरवी कैसा प्रदर्शन करती हैं और भारतीय टीम में अपनी जगह बना पाती हैं या नहीं।

गोल्ड मेडल से शुरू हुआ नया सफर

कोलंबो की जीत ने गौरवी सिंह के खेल करियर को एक नई पहचान दी है। अजमेर लौटने पर मिले सम्मान ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक है, तो दूसरी तरफ आने वाले एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप के सपने हैं। करीब नौ साल की मेहनत के बाद गौरवी जिस मुकाम पर पहुंची हैं, वहां से उनके सामने नई चुनौतियां भी हैं और नए लक्ष्य भी। फिलहाल अजमेर की यह बेटी भारत के लिए और बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटी है।

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