राजस्थान लैब असिस्टेंट भर्ती घोटाला: OMR में हेराफेरी कर 4 अंक को बनाया 191, एक और आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान की लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा में सामने आए OMR शीट फर्जीवाड़े में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार, अभ्यर्थी के वास्तविक चार अंक को रिकॉर्ड में 191 अंक दिखाकर सरकारी नौकरी दिलाई गई। SOG अब इस पूरे मामले में स्कैनिंग एजेंसी और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
OMR शीट में कथित हेराफेरी कर हासिल की सरकारी नौकरी
एसओजी के अनुसार, दौसा जिले के बांदीकुई निवासी 30 वर्षीय पंकज कुमार सैनी को रविवार रात गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा में उसकी मूल OMR शीट में केवल चार अंक थे, लेकिन स्कैनिंग के दौरान रिकॉर्ड में 191 अंक दर्ज कर दिए गए। इसी कथित फर्जी स्कोर के आधार पर उसका चयन हो गया। मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने रिकॉर्ड की दोबारा जांच शुरू की।
दोबारा स्कैनिंग में खुली गड़बड़ी
जांच के दौरान कर्मचारी चयन बोर्ड ने OMR शीट की पुनः स्कैनिंग कराई। इस प्रक्रिया में स्पष्ट हुआ कि अभ्यर्थी के वास्तविक अंक केवल चार थे, जबकि डिजिटल रिकॉर्ड में 191 अंक दर्ज थे। इससे स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की आशंका मजबूत हुई। इसके बाद एसओजी ने मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया।
स्कैनिंग एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में
एसओजी की जांच में सामने आया कि परीक्षा की OMR शीट स्कैनिंग का कार्य एक निजी एजेंसी को सौंपा गया था। आरोप है कि एजेंसी के कुछ कर्मचारियों ने कुछ अभ्यर्थियों के साथ मिलकर स्कैनिंग प्रक्रिया में हेराफेरी की। जांच एजेंसी के अनुसार, इसी तरीके से कुल 27 अभ्यर्थियों को कथित रूप से अनुचित लाभ दिलाया गया। फिलहाल एजेंसी के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
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मामले में पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
इस भर्ती घोटाले की जांच के दौरान एसओजी पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें स्कैनिंग एजेंसी से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा ऐसे कई अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन पर OMR शीट में कथित बदलाव के जरिए चयन पाने का आरोप है। पंकज कुमार सैनी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठे सवाल
OMR शीट में कथित हेराफेरी का यह मामला भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एसओजी का कहना है कि जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित फर्जीवाड़े में और किन-किन लोगों की संलिप्तता रही है।
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