प्रतीक यादव के निधन से सियासी हलकों में शोक, पोस्टमार्टम पूरा; जांच के लिए CCTV और DVR कब्जे में
मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का निधन
Prateek Yadav के अचानक निधन से उत्तर प्रदेश की राजनीति और यादव परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। वे समाजवादी पार्टी संस्थापक Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे और भाजपा नेता Aparna Yadav के पति थे। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक व्यक्त किया जाने लगा।
पोस्टमार्टम पूरा, बेडरूम सील कर जांच शुरू
प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम पूरा कर लिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने उनके बेडरूम को सील कर दिया है। जांच एजेंसियों ने घर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज और DVR भी अपने कब्जे में ले लिए हैं, ताकि घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाई जा सके। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। हालांकि अब तक मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
राजनीति से दूरी, बिजनेस में थे सक्रिय
Prateek Yadav सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखते थे और मुख्य रूप से अपने व्यवसाय पर ध्यान देते थे। बावजूद इसके, यादव परिवार का हिस्सा होने के कारण वे हमेशा राजनीतिक चर्चाओं में बने रहते थे। शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल जीवनशैली के कारण उनकी पहचान राजनीति से अधिक एक कारोबारी के रूप में रही। उनके अचानक निधन ने परिवार और करीबी लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
साक्षी महाराज समेत कई नेताओं ने जताया शोक
Sakshi Maharaj ने प्रतीक यादव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के परिवार से उनके पुराने और आत्मीय संबंध रहे हैं तथा इस कठिन समय में वे पूरे परिवार के साथ खड़े हैं। कई अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। लखनऊ में उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं, जिसमें बड़ी संख्या में राजनीतिक हस्तियों के पहुंचने की संभावना है।
हर अपडेट पर नजर, पुलिस जांच जारी
पुलिस अब CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। परिवार की ओर से भी फिलहाल कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच में जुटे हुए हैं। प्रतीक यादव के निधन ने प्रदेश की राजनीति में एक भावनात्मक माहौल पैदा कर दिया है और हर कोई इस घटना की वास्तविक वजह जानने का इंतजार कर रहा है।