‘पीएम मोदी सोते नहीं, वह मेरे जैसे हैं’, ट्रंप का किस्सा अमेरिकी राजदूत ने किया साझा
भारत और अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व के बीच मजबूत रिश्तों की एक दिलचस्प झलक उस समय सामने आई, जब भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जिओ गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत से जुड़ा एक रोचक प्रसंग साझा किया। गोर के मुताबिक, ट्रंप ने सुबह 6 बजे भारत में समय होने के बावजूद कहा था कि पीएम मोदी शायद सोए नहीं होंगे और उनसे तुरंत बात करने की इच्छा जताई थी।
USISPF सम्मेलन में साझा किया दिलचस्प अनुभव
वॉशिंगटन डीसी में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट के दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जिओ गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संबंधों का एक रोचक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच समय-समय पर फोन पर बातचीत होती रहती है और दोनों के व्यक्तिगत संबंध काफी सहज और आत्मीय हैं। गोर ने कहा कि यह घटना दोनों नेताओं के बीच आपसी विश्वास और संवाद की सहजता को दर्शाती है।
सुबह 6 बजे भी ट्रंप ने कहा- पीएम मोदी से बात कराइए
सर्जिओ गोर के अनुसार, अप्रैल में फ्लोरिडा के मियामी में आयोजित एक यूएफसी कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप बैकस्टेज मौजूद थे। उसी समय उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने की इच्छा जताई और गोर से उन्हें फोन मिलाने के लिए कहा। गोर ने याद दिलाया कि भारत में उस समय सुबह करीब छह बजे का वक्त था। इस पर ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा, “पीएम मोदी सोए नहीं होंगे, वह मेरे जैसे हैं।” इसके बाद दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत कराई गई।
भारत-अमेरिका संबंधों पर भी दी अहम जानकारी
सम्मेलन के दौरान गोर ने आगामी उच्चस्तरीय यात्राओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष अमेरिका में आयोजित होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंच सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं। इन संभावित दौरों को दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री के भारत दौरे का भी जिक्र
सर्जिओ गोर ने यह भी बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो एक बार फिर भारत का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और वैश्विक मुद्दों पर लगातार संवाद जारी है। ऐसे में उच्चस्तरीय यात्राएं द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएंगी।