10 लाख की सुपारी देकर कांग्रेस नेता की हत्या की साजिश! पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कांग्रेस नेता श्याम कश्यप पर हुए जानलेवा हमले की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस का दावा है कि यह हमला पूर्व नियोजित था और इसके लिए 10 लाख रुपये की कथित सुपारी तय की गई थी। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी समेत दो अन्य की तलाश जारी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजह और साजिश की कड़ियों की जांच कर रही है।
जांच में सामने आई सुनियोजित हमले की आशंका
तारबाहर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना की जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता श्याम कश्यप पर हमला किसी अचानक हुए विवाद का परिणाम नहीं था, बल्कि पहले से बनाई गई योजना के तहत किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी और हमलावरों को पांच-पांच लाख रुपये देने का वादा किया गया था। इस खुलासे के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी गंभीर चर्चा का रूप ले लिया है।
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मॉर्निंग वॉक के दौरान घेरकर किया गया हमला
पुलिस के अनुसार, श्याम कश्यप रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए रेलवे अस्पताल के पास पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से मौजूद हमलावरों ने उन पर डंडों से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
CCTV और तकनीकी जांच से दो आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इसके आधार पर दो संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया डंडा, एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं, ताकि साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सके।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी, सभी पहलुओं पर जांच
पुलिस के मुताबिक, इस मामले का मुख्य आरोपी दीपक तिवारी और उसका सहयोगी साहिल सोनकर अभी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि हमले के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, राजनीतिक विवाद या कोई अन्य कारण था। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले के कई अहम पहलुओं से पर्दा उठने की संभावना है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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